पीएसएलवी-42 से छोड़े गए ब्रिटिश सेटेलाइट कक्षा में पहुंचे

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इसरो को एक और बड़ी सफलता मिली है| उनके द्वारा रविवार को दो ब्रिटिश सेटेलाइट ‘नोवा एसएआर’ और ‘एस1-4’ छोड़े गए थे, जो कक्षा में पहुंच चुके हैं| 12 अप्रैल को इसरो द्वारा लॉन्च किए गए आईएनआरएसएस-11 के बाद अब यह सेटेलाइट भेजा गया है| यह आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से इसरो ने अपने करियर पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी-42)  से इन्हें अंतरिक्ष में भेजा| इसरो की इस कामयाबी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ट्वीट कर शुभकामना भी दी|

33 घंटे का काउंटडाउन

रविवार को अंतरिक्ष में भेजे गए सेटेलाइट के लिए 33 घंटे के काउंटडाउन की शुरुआत शनिवार दोपहर से ही हो गई थी| सेटेलाइट ‘नोवा एसएआर’ और ‘एस1-4’ का संयुक्त वजन 800 किलोग्राम से अधिक है| रविवार रात 10.08 बजे सेटेलाइट श्रीहरिकोटा से छोड़ा गया| इस बारे में इसरो के चेयरमैन शिवन ने बताया, “सेटेलाइट उड़ान के17 मिनट 44 सेकंड बाद अलग हुआ और 583 किलोमीटर दूर कक्षा में स्थापित हो गया| ब्रिटेन के सारे सेटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड के इन दोनों सेटेलाइट का कुल वजन 889 किलोग्राम है, इन्हें इसरो की कमर्शियल विंग एंट्रिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा भेजा गया है|”

मैपिंग, बाढ़ और आपदा की करेगा मॉनीटरिंग

‘नोवा एसएआर’ एक एस-बैंड सिंथेटिक अपर्चर रडार सेटेलाइट 445 किलोग्राम वजनी है| यह पीएसएलवी-42 वनों की मैपिंग, बाढ़ और आपदा की मॉनीटरिंग करेगा| वहीं 444 किलोग्राम वजनी ‘एस1-4’ एक हाई रेजोल्यूशन ऑप्टिकल अर्थ ऑब्जर्वेशन सेटेलाइट है, जो स्त्रोतों के सर्वे, पर्यावरण मॉनीटरिंग, अर्बन मॉनीटरिंग और आपदा मॉनीटरिंग का काम करेगा|

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