मप्र: शिवराज के राज में अस्पताल में बुजुर्ग को पलंग से बाँधा 

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कोरोना  के चलते जहाँ एक ओर लोग मानवता की दुहाई देते हुए मदद दे रहे है और सबसे इसकी अपील भी कर रहे है वही पहले ही प्रदेश के हालात से बेखबर मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज के राज में एक निजी अस्पताल ने अमानवीयता की सारी हदे पार कर दी. मामला शाजापुर का है जहाँ गरीब बुजुर्ग से अमानवीय व्‍यवहार करते हुए एक प्राइवेट अस्पताल ने बिल नहीं चुकाने पर बुजुर्ग मरीज को बंधक बनाया . मरीज की बेटी ने घटना के बारे में बताया कि  बुजुर्ग को दो दिन तक बांधकर रखा गया था, जबकि अस्पताल प्रबंधन ऐसी किसी घटना से साफ इनकार कर रहा है.  संज्ञान में आने के बाद प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने की नींद टूटी तो उन्होंने ट्वीट कर निजी अस्पताल पर कार्रवाई के निर्देश दिए .  शाजापुर के कलेक्टर दिनेश जैन ने एसडीएम और डॉक्टरों की टीम को मामले की जांच में लगा दिया गया है. अस्पताल के खिलाफ पुलिस और अन्य अधिनियम में कार्रवाई की जा रही है.

राजगढ़ के रनारा गांव के 60 वर्षीय लक्ष्मीनारायण दांगी को पेट में तकलीफ के कारण एक जून को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया .  मरीज की बेटी सीमा दांगी के अनुसार उन्होंने दो बार पैसे जमा करवाए. लेकिन जब पैसे खत्म हो गए तब उन्होंने अस्पताल से छुट्टी करवाने की बात की इस पर अस्पताल स्टाफ ने 11 हजार की बकाया बिल चुकाने को कहा, स्टाफ ने बिल पेमेंट होने तक उनके बुजुर्ग पिता को बेड पर बांध दिया.

दूसरी  ओर अस्पताल प्रबंधन बांधने की घटना से किया इनकार कर रहा है. अस्पताल संचालक डॉक्टर वरुण बजाज ने इन आरोपों को सिरे ने नकार रहे है . उन्होंने कहा कि मरीज के नाक में नली डाली गई थी जिसमें तकलीफ होती है, और कई बार मरीज उठकर भागते हैं, इसलिए मरीज को बांधना पड़ता है. बिल को लेकर अस्पताल प्रबंधन ऐसा व्यवहार नहीं कर सकता.

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