राष्ट्रपति ने दी केमिकल अटैक की मंज़ूरी

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सीरिया में पिछले सात वर्षों से जारी हालातों के बीच यहां के राष्ट्रपति बशर अल-असद का नाम चर्चा में है। हाल ही में उन्होंने विद्रोहियों के कब्जे वाले अंतिम क्षेत्र इदलिब प्रांत में केमिकल अटैक की मंज़ूरी दे दी है। राष्ट्रपति बशर अल-असद को रूस का साथ होने के कारण कूटनीतिक स्तर पर भी उनकी स्थिति काफी अच्छी है। पिछले 7 साल से सीरिया में गृहयुद्ध चल रहा है। असद के इस भड़काऊ कदम के बाद पश्चिमी देशों में रोष देखने को मिल सकता है। जब से रूस ने असद को अपना समर्थन दिया, उसके बाद से ही विरोधी गुट पर उनको बढ़त मिलती गई ।

उनका यह बयान उस वक्त आया है, जब अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया और रूस को इदलिब में किसी भी ऐसी हरकत को खतरनाक बताया है, जो हजारों बेगुनाह लोगों की मौत का कारण बने।  हालांकि, अमरीकी मीडिया के मुताबिक, राष्ट्रपति बशर अल-असद ने इदलिब में अपनी गठबंधन सेना को गैस अटैक करने की अनुमति दे दी है। ट्रम्प ने राष्ट्रपति बनने के बाद ही यह साफ़ कर दिया था कि उनकी प्राथमिकता असद को सत्ता से हटाना नहीं है बल्कि इस्लामिक स्टेट को हराना उनकी पहली वरीयता है।

वहीं खबरों के अनुसार, राष्ट्रपति बशर अल-असद पर कोई भी इंटरनेशनल प्रेशर काम नहीं कर रहा है| रूस और ईरान की मदद से सीरिया के इदलिब प्रांत में क्लोरीन गैस से अटैक करने की अनुमति दी है। बता दें कि रविवार को इदलिब प्रांत के होबेइट गांव में असद गठबंधन वाली सेना ने अटैक किया था। अटैक में एक बच्ची की मौत हो गई थी। सीरिया के इदलिब प्रांत में विद्रोहियों के खिलाफ अटैक की पूरी योजना बना चुके रूस और ईरान को तुर्की ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को सीज़फायर के लिए आग्रह किया। फिलहाल असद किसी भी दबाव से बाहर ही हैं और रूस के समर्थन में मनमर्जी से निर्णय ले रहे ।

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