मुख्यधारा में आने का प्रयास कर रहे प्रभात

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मध्यप्रदेश में चुनाव के कारण अब सभी बड़े नेता खुद का महत्व साबित करने में जुटे हैं| ऐसे में कुछ नेता, जो राष्ट्रीय स्तर पर तो काफी सक्रिय हैं, वे प्रदेश में भी खुद को मजबूत साबित करने में जुटे हैं| इन्हीं में से एक नाम है पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद प्रभात झा का|

झा को यूं तो भाजपा में बड़े नेताओं के तौर पर शुमार किया जाता है, लेकिन यह बात खुद झा भी जानते हैं कि प्रदेश में उन्हें दूसरे नेताओं के मुकाबले इतनी तवज्जो नहीं मिलती है| 2013 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले झा को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर तोमर को प्रदेश की कमान दी गई थी, इसके बाद पूरे पांच साल झा का प्रदेश से सरोकार कुछ कम ही रहा, लेकिन इस चुनाव से पहले झा एक बार फिर प्रदेश में खुद को गिनवाने में लग गए हैं|

टीम शाह के सदस्य झा अब शिवराजसिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा में प्रबंधक की भूमिका निभा रहे हैं| उन्हें चुनाव के मद्देनज़र मीडिया का भी प्रभार दिया गया है| इसके माध्यम से झा की कोशिश कांग्रेस को घेरने की और खुद को साबित करने की है, लेकिन बीते कुछ दिनों से जैसे बयान झा दे रहे हैं, जिसे देखकर कुछ भी कहा नहीं जा सकता|

उनका कद बढ़ेगा या घटेगा, यह तो कोई नहीं बता सकता, लेकिन यदि खुद को आगे बढ़ाने में झा कुछ उलजुलूल बोल गए तो प्रदेश में भाजपा का कद जरूर घट जाएगा| ऐसे में संगठन के लिए भी झा किसी दिन मुसीबत बन सकते हैं| कांग्रेस के नेताओं पर उनकी टिप्पणी सिंधिया और कमलनाथ को मुखर होने का मौका दे देती है, वहीं कांग्रेस नेताओं का सवाल भी यही है कि झा खुद मैदान में यदि चुनाव लड़ते तो उन्हें इसका अर्थ पता होगा|

ऐसे में अब देखना होगा कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा किस तरह से खुद को टीम अमित शाह में साबित कर पाते हैं और प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अपनी गिनती जीत के सिपाहियों में करवा पाते हैं|

-पॉलिटिकल डेस्क

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