बाल आयोग अध्यक्ष से मिले इंदौर के गरीब बच्चे

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शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को निकालने और निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ इंदौर पालक संघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बाल आयोग के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा को शिकायत की| इंदौर पहुंचे बाल आयोग के अध्यक्ष से पालक संघ के अध्यक्ष अनुरोध जैन मिले और उन्होंने निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की|

इस दौरान कई पालक भी अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और स्कूलों द्वारा किए जा रहे व्यवहार की शिकायत की| पालकों ने अध्यक्ष को बताया कि निजी स्कूलों द्वारा आरटीई में प्रवेश लिए हुए बच्चों से भी मनमानी फीस मांगी जा रही है| इसके अलावा बीच वर्ष में भी स्कूल बच्चों को निकाल रहे हैं| पालक संघ के पदाधिकारियों ने बाल आयोग के अध्यक्ष से इन स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की|

स्कूल वाले मांगते हैं अलग से फीस

पालकों ने बाल आयोग अध्यक्ष से शिकायत करते हुए कहा कि निजी स्कूलों द्वारा बच्चों के प्रवेश के समय अलग-अलग चार्ज बताते हुए उनसे लगभग 75 हज़ार रुपए तक फीस मांगी जाती है| इस फ़ीस को स्कूल शिक्षण शुल्क से अलग बताता है| यदि इतने पैसे उनके पास होते तो फिर वे अपने बच्चों को निशुल्क शिक्षा के लिए आरटीई के तहत भर्ती क्यूं करवाते| पालकों ने स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आयोग से संज्ञान लेने की मांग की|

पार्षद बोले- स्कूल रणनीति के तहत निकालते हैं बच्चों को

कुछ बच्चों को लेकर पार्षद भूपेन्द्र बघेल भी बाल आयोग के अध्यक्ष से मिलने पहुंचे| पार्षद ने बताया कि सोची समझी रणनीति के तहत स्कूल वाले बच्चों को निकालते हैं| ऐसे बच्चे जो स्कूल में 2 या 3 सालों से पढ़ रहे हैं, उन्हें स्कूल द्वारा कागज़ नहीं होने की बात कहकर निकाल दिया जाता है| वहीँ कई बच्चों के पालकों को कागज़ जमा करने के लिए समय भी नहीं दिया जाता है, और जरूरी कागज के अभाव में बच्चे प्रवेश से वंचित रह जाते हैं|

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