संजीव भट्ट ने एक वकील को ड्रग्स के झूठे मामले में फंसाया था

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1998 के पालनपुर ड्रग प्लांटिंग केस में कार्रवाई करते हुए गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सीआईडी (क्राइम) फिलहाल संजीव भट्ट सहित 7 अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। संजीव भट्ट पर आरोप है कि जब वे बनासकांठा के डीसीपी थे, उस वक्त एक वकील को उन्होंने नारकोटिक्स के झूठे मामले में फंसाया था। उस समय ऐसे कुल 8 नारकोटिक्स के मामले विवादास्पद थे। पुख्ता सबूत के आधार पर ही इन सभी को गिरफ्तार किया गया है। उस समय कुछ आरोपी राजस्थान के भी थे, जिन्होंने संजीव भट्ट पर झूठा केस दायर कर उनसे पैसे ऐंठने का आरोप लगाया था।

संजीव भट्ट द्वारा किया गया उनका भवन निर्माण भी विवादों में रहा है। कुछ समय पहले ही अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने उनके भवन का अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश दिए थे। संजीव भट्ट की अवैध निर्माण की ये कानूनी लड़ाई काफी लंबी रही। संजीव भट्ट के अवैध निर्माण के खिलाफ उनके पड़ोसी जयंत पटेल ने ही पहले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक याचिका दायर की थी। 2012 में गुजरात हाईकोर्ट ने दो बार फैसला दिया था लेकिन संजीव भट्ट उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गए। विवादों से संजीव भट्ट का गहरा नाता  है| गुजरात के निलंबित आईपीएस अफसर संजीव भट्ट का 2015 में एक सेक्स वीडियो भी सामने आया था।  इसके बाद गुजरात सरकार के होम डिपार्टमेंट ने उन्हें नोटिस जारी कर दस दिन में जवाब मांगा था।

इतना ही नहीं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर जब विवाद चल रहा था, उस दौरान पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए जिन्ना को स्वतंत्रता सेनानी बताया था और उनके योगदान पर गर्व करने की भी बात कही थी। फिलहाल पुलिस में संजीव भट्ट और 7 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है|

हनुमानजी और सीताजी को लेकर कही ये बात

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