भ्रष्टाचार आरोपियों की सूचना देने से PMO ने किया मना

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भारत के लगभग हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला हुआ है| इसी बीच देश की प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने केंद्रीय कोयला एवं खनन राज्यमंत्री हरिभाई पार्थीभाई चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं| इसके बाद आरटीआई ने पीएमओ से इस बारे में सवाल किया| इसके बाद पीएमओ केंद्रीय मंत्रियों भ्रष्टाचार की शिकायतों का ब्यौरे देने से भी इनकार कर दिया| पीएमओ ने कहा कि इस तरह की सूचना मुहैया करवाना जटिल कवायद हो सकती है|

पीएमओ को समय-समय पर अलग-अलग केंद्रीय मंत्रियों एवं उच्चस्तरीय पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं| पीएमओ ने भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी द्वारा दाखिल आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा,  “इनमें छद्मनाम या बेनाम से मिली शिकायतें भी शामिल हैं| प्राप्त शिकायतों में लगाए गए आरोपों को देखते हुए और इल्जामों के संबंध में दिए गए दस्तावेजों की उचित जांच की जाती है|”

चतुर्वेदी ने यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मुख्य सतर्कता अधिकारी रहते हुए भ्रष्टाचार के कई मामलों को उजागर किया था| आरटीआई आवेदन के जवाब में पीएमओ ने कहा कि जरूरी कार्रवाई करने के बाद रिकॉर्डों को एक जगह नहीं रखा जाता और वे इस कार्यालय की विभिन्न इकाइयों एवं क्षेत्रों में फैले हुए हैं|

पीएमओ ने कहा,  “ये प्राप्त शिकायतें भ्रष्टाचार और गैर-भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों समेत कई तरह के मामलों से जुड़ी होती हैं| आवेदक ने अपने आवेदन में केवल भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों के विवरण मांगे हैं| इन सभी शिकायतों को भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के तौर पर पहचानना, जांचना और श्रेणी में रखना विषयपरक एवं जटिल काम हो सकता है|”

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