जन्मदिन विशेष: पढ़ें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी अनकही कहानियां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात में मेहसाणा जिले के वड़नगर में हुआ था। उनके पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी और मां का नाम हीराबेन मोदी है। आज पीएम मोदी 68 साल के हो गए हैं। एक सामान्य परिवार में जन्में नरेंद्र मोदी आज भारत के 15वें प्रधानमंत्री हैं। आइए जानते हैं, उनके कुछ किस्सों के बारे में।

बेची चाय

माता-पिता की 6 संतानों में पीएम मोदी तीसरे हैं। मोदी का परिवार मोध घांची तेली समुदाय से है। वड़नगर के रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री मोदी के पिता चाय बेचने का कार्य करते थे। वे स्कूल के बाद सीधे पिता की दुकान पहुंच जाते थे और अपने पिता की मदद करते थे।

बचपन में थे काफी शरारती

नरेंद्र मोदी बचपन में काफी शरारती थे। एक बार अपने दोस्तों के साथ वे नदी में नहाने गए थे, वहां से वे मगरमच्छ के बच्चे को पकड़कर घर ले लाए। तब उनकी मां हीरा बा ने उन्हें इसे वापस छोड़कर आने को कहा। उनकी मां ने कहा कि यदि बच्चे को मां से अलग कर दिया तो दोनों परेशान होते हैं। नरेंद्र मोदी को मां की बात समझ आ गई और वे मगरमच्छ के बच्चे को वापस छोड़कर आ गए।

जूते नहीं थे

नरेंद्र मोदी के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनकी मां ने उन्हें सफेद जूते खरीदकर दिए थे। जूते गंदे होते, लेकिन नरेंद्र मोदी के पास पॉलिश खरीदने के पैसे भी नहीं होते थे। स्कूल में शिक्षक जो चॉक के टुकड़े फेंक देते थे, वे उन्हें इकट्ठा कर लेते थे और उनका पाउडर बनाकर जूतों पर लगाया करते थे। सूखने के बाद उनके जूते नए जैसे हो जाते थे।

वैवाहिक जीवन पर सवाल ?

13 वर्ष की आयु में नरेंद्र मोदी की सगाई जसोदाबेन चमनलाल से हुई और 17 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई। उनके वैवाहिक जीवन पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। पिछले चार विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी वैवाहिक जीवन पर मौन रहे। काफी प्रश्न उठने के बाद नरेंद्र मोदी ने पिछले लोकसभा चुनाव में शपथ-पत्र प्रस्तुत कर जसोदाबेन को अपनी पत्नी स्वीकार किया है।

आरएसएस के प्रचारक रहे

भारत-पाकिस्तान के दूसरे युद्ध के समय उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर सफ़र कर रहे सैनिकों की सेवा की। बचपन से ही उनका झुकाव संघ की तरफ था। नरेंद्र मोदी 1967 में अहमदाबाद पहुंचे और आरएसएस की सदस्यता ले ली। इसके बाद 1974 में वे नवनिर्माण आंदोलन में शामिल हो गए। सक्रिय राजनीति में आने से पूर्व मोदी कई वर्षों तक आरएसएस के प्रचारक रहे।

1980 में भाजपा में हुए शामिल

नरेंद्र मोदी 1980 में भाजपा में शामिल हो गए। 1988-89 भाजपा गुजरात इकाई के महासचिव रहे। नरेंद्र मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी की 1990 की सोमनाथ-अयोध्या रथयात्रा के आयोजन में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद वे भाजपा की तरफ से कई राज्यों के प्रभारी भी रहे। 1995 में नरेंद्र मोदी को भाजपा का राष्ट्रीय सचिव और पांच राज्यों का पार्टी प्रभारी बनाया गया। 1998 में उन्हें संगठन का महासचिव बनाया गया। अक्टूबर 2001 तक वे महासचिव रहे, लेकिन 2001 में केशुभाई पटेल ने खराब स्वास्थ्य के कारण इस्तीफा दे दिया। इसके बाद प्रदेश की कमान मोदी को सौंपी गई।

गुजरात दंगों से पीएम का सफ़र

नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के कुछ महीने बाद ही गोधरा रेल हादसा हुआ। इसके बाद फरवरी 2002 में गुजरात में मुस्लिमों के खिलाफ दंगे भड़क गए। इन दंगों में लगभग 1000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इन दंगों के बाद मोदी पर कई आरोप लगे। उन्हें पद से हटाने की बात भी उठी, लेकिन तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और उनके खेमे की ओर से नरेंद्र मोदी को पूरा समर्थन प्राप्त था और वे पद पर बने रहे। गुजरात दंगों के कारण मोदी को अमरीका जाने का वीज़ा भी नहीं मिला था। नरेंद्र मोदी पर लगातार आरोप लगते रहे, पर इसके बावजूद वे राजनीति में मजबूत होते चले गए। वे 2002 से 2012 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। 26 मई 2014 को राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। नरेंद्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिनका जन्म आज़ादी के बाद हुआ है। भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नरेंद्र मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी।

पीएम मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई सरकारी योजनाएं

– डिजिटल इंडिया

– प्रधानमंत्री जनधन योजना

– स्वच्छ भारत अभियान

– मेक इन इंडिया

– सांसद आदर्श ग्राम योजना

– अटल पेंशन योजना

– प्रधानमंत्री आवास योजना

– प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

– प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

– प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

– प्रधानमंत्री जन औषधि योजना

– किसान विकास यात्रा

– मिशन इंद्रधनुष

– स्वदेश दर्शन एवं प्रसाद योजना

– वन रैंक वन पेंशन

– स्मार्ट सिटी योजना

– श्यामाप्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन

– विकल्प स्कीम

– राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना

– कौशल विकास योजना

– डिजी लॉकर स्कीम

– आयुष्मान भारत योजना

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