देश को मिला सबसे बड़े पुल का तोहफा  

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी क्रिसमस के मौके पर देश को सबसे बड़े पुल की सौगात (Assam Railroad Bridge) दी| पीएम ने मंगलवार को बोगीबील पुल से गुजरने वाली पहली यात्री रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर देश के सबसे लंबे इस रेल सह सड़क पुल का शुभारंभ किया गया| उनके साथ असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी मौजूद थे| यह पुल असम के डिब्रूगढ़ में बनाया गया है और ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर और दक्षिण तट को जोड़ रहा है| इस पुल का निर्माण असम समझौते के अंतर्गत किया गया है|

इस पुल की लंबाई 4.94 किमी है| इस सौगात को सरकार गुड गवर्नेंस के रूप में मना रही है| यह पुल (Assam Railroad Bridge) 1987 की असम संधि का हिस्सा है| 1997 में संयुक्त मोर्चा सरकार के प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने पुल का शिलान्यास किया था वहीं 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने इसका निर्माण शुरू किया था| 16 साल में बने इस पुल को पूरा होने में 5920 करोड़ रुपए की लागत लगी है|

भारत और चीन के बीच 4000 किलोमीटर की सीमा है, ऐसे में यह पुल (Assam Railroad Bridge) भारतीय सेना की गतिविधियों में मददगार साबित होगा| यह 120 सालों तक निरंतर सेवा दे सकता है, जिसे भूकंप के तेज झटके भी हिला नहीं पाएंगे| एशिया के इस दूसरे सबसे बड़े पुल में सबसे ऊपर एक तीन लेन की सड़क है और उसके नीचे दोहरी रेल लाइन है| यह पुल ब्रह्मपुत्र के जलस्तर से 32 मीटर की ऊंचाई पर है|

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