नमाज़ की याचिका पर 5 लाख का जुर्माना

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राम मंदिर विवाद पर जनवरी में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की जानी है। इससे पहले मंदिर निर्माण के लिए समस्त संत समाज व विश्व हिन्दू परिषद मोर्चा खोल रहा है। विश्व हिन्दू परिषद लगातार सरकार पर दबाव बना रही है। अयोध्या में इस विवादित स्थल को लेकर एक और मामला सामने आया है, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर याचिका में इस स्थल पर नमाज़ पढ़ने की इजाज़त मांगी गई थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर की गई इस याचिका को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया है। हाई कोर्ट ने न सिर्फ याचिका को खारिज किया बल्कि इसे दायर करने वाले संगठन अल रहमान पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अल रहमान संगठन को इस तरह की याचिका दायर करने पर जमकर फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं केवल नफ़रत फैलाने और अदालत का वक़्त बर्बाद करने के मकसद से डाली जाती हैं। कुछ दिन पहले ही अल रहमान नाम के एक मुस्लिम संगठन ने याचिका दायर की थी और कहा था कि अयोध्या में मुसलमानों को दी गई जमीन पर नमाज़ पढ़ने की इजाजत दी जाए।

संगठन ने अपनी याचिका में दावा किया था कि अयोध्या में विवादित स्थल पर हिन्दुओं को पूजा करने की इजाज़त है इसलिए मुसलमानों को भी नमाज़ पढ़ने की इजाजत दी जाए। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सभी दावों को खारिज कर दिया है और संगठन पर 5 लाख का जुर्माना जड़ दिया है।

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