सांवेर विधायक से नाराज़ हैं क्षेत्र के लोग

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विधानसभा चुनाव के आते ही अब अपने जनप्रतिनिधियों के प्रति लोगों का गुस्सा भी फूटने लगा है| बीते साढ़े 4 साल से लोग जनप्रतिनिधियों के घर के चक्कर काटते थे, लेकिन अब नेता लोगों के बीच पहुंचने लगे हैं| ऐसे में लोगों ने भी अपने नेताओं को आईना दिखाना शुरू कर दिया है|

देपालपुर विधायक मनोज पटेल के बाद अब सांवेर विधायक राजेश सोनकर के खिलाफ भी मुर्दाबाद के नारे लगे हैं|  ये नारे उन्हीं लोगों ने लगाए हैं जो भाजपा के समर्थक रहे हैं| सांवेर और आसपास के विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने  एक बाइक रैली निकलते हुए क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ भी नारेबाजी की|

ये कार्यकर्ता लेकर एसडीएम को गौ रक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपने जा रहे थे| कार्यकर्ता सांवेर तहसील के गांव राजोदा में संतोष चौधरी के खूंटे पर बंधी गाय को रात को ले जाकर काट देने से नाराज थे| घोसला, कानवन, राजगढ़ और इंदौर के पास देपालपुर से किसानों के नाम से लगने वाली गौ मंडिया बंद करने की मांग कर रहे थे| इंदौर से गायों को बाहर करने में हो रही तस्करी का विरोध कर रहे थे| इन कार्यकर्ताओं का गुस्सा विधायक राजेश सोनकर पर भी फूटा, जिन्होंने कई बार शिकायत के बाद भी मदद नहीं की|

ऐसे में रैली में जय-जय सियाराम के साथ राजेश सोनकर मुर्दाबाद के नारे सांवेर में गूंजे| इससे पहले देपालपुर में  भी नोज पटेल से लोगों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए थे| इसके अतिरिक्त क्षेत्र के संघ से जुड़े पदाधिकारी भी नाराज हैं कि सोनकर सभी को मदद का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन मदद नहीं करते| अब सांवेर में कार्यकर्ता भी बंटने लगे हैं| कुछ को सावन सोनकर ने अपने साथ कर लिया है, तो कुछ पार्षद सूरज कैरो के पास जाने लगे हैं|

ये मौसम है चुनाव का और ऐसे में कार्यकर्ताओं का विरोध सोनकर ही नहीं बल्कि किसी भी नेता को भारी पड़ सकता है| सोनकर अगर इस विरोध का दूर कर देते हैं तो शायद सांवेर में उनकी बात रह जाए, क्योंकि आखिर काम तो सोनकर को इन्हीं मतदाताओं से पड़ना है|

-पॉलिटिकल डेस्क

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