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मप्र राजनीति : दो खबरें, जो आपको पढ़नी चाहिए

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1. कमलनाथ ने बैठक से पहले बंद करवाए फ़ोन

विधानसभा चुनावों के परिणाम आने से पहले ही कांग्रेस पदाधिकारी और बड़े नेता गुरुवार को प्रदेश की राजधानी भोपाल में जुटे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश के लगभग सभी कांग्रेस विधायकों, प्रत्याशियों और बड़े नेताओं को इस बैठक के लिए भोपाल तलब किया था।

सुबह 10 बजे का समय था। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में सभी नेता पहुंच रहे थे। कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं का भी जमावड़ा था। कुछ देर बाद पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ भी कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन इसके ठीक बाद सबकुछ जानकारियां बाहर आनी बंद हो जाती हैं। प्रदेश अध्यक्ष नाथ बैठक में उपस्थित सभी नेताओं के फोन बंद करवा देते हैं।

दरअसल, गुरुवार को भोपाल में हुई कांग्रेस की इस बैठक में मतगणना के दिन कांग्रेस की रणनीति को लेकर चर्चा होनी थी। इसी बैठक के लिए नाथ ने प्रदेश के नेताओं को बुलाया था, लेकिन प्रदेश में बीते दिनों वायरल हुए कमलनाथ के वीडियो का मामला चर्चा में आने के बाद इस बैठक में सभी नेताओं के फोन बंद करवा दिए गए।

बताया जा रहा है कि बैठक में कमलनाथ ने नेताओं को मतगणना के दिन मतगणना स्थल पर चैकसी के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए कांग्रेस नेता अपनी जगह किसी भी हाल में नहीं छोड़े।

2.इधर, सीएम के नाम पर घमासान शुरू

इधर, विधानसभा चुनाव जीतने से पहले ही कांग्रेस में मुख्यमंत्री के चेहरे पर घमासान तेज़ हो गया है। कांग्रेसी खेमे में कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी गुरुवार को उठी। विधायक निशंक जैन ने बयान दिया कि यदि कांग्रेस की प्रदेश में सरकार बनती है तो कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के 25 विधायक और अन्य उम्मीदवार भी नाथ को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में हैं।

वहीं कोलारस से विधायक महेंद्रसिंह यादव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाने का दावा ठोंका। उन्होंने कहा कि युवा होने के नाते प्रदेश ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम के तौर पर देखना चाहता है। उन्होंनें सिंधिया के लिए अपनी सीट छोड़ने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि यदि सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो वे अपनी सीट सिंधिया के लिए छोड़ देंगे।

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