इमरान की जीत भारत के लिए खतरा

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पाकिस्तान की नई राजनीति का अंदेशा दुनिया को पहले से ही था| सेना के समर्थन के कारण पूर्व क्रिकेटर इमरान खान सत्ता में आए हैं| बुधवार को हुए आम चुनाव के बाद शुरू हुई वोटों की गिनती लगभग पूरी हो चुकी है| अब तक आए रुझानों में इमरान खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ ने बढ़त हासिल की हुई है|

पीएमएल के शाहबाज शरीफ, पीपीपी के बिलावल भुट्टो और एमएमए के फजल उर रहमान इमरान खान के साथ ही पीएम पद के दावेदार हैं| बहुमत हासिल करने के लिए पार्टी को 137 सीटों की ज़रूरत है| पाकिस्तानी सेना और आईएसआई चाहती है कि चुनाव में इमरान खान की पार्टी ही बहुमत हासिल कर उभरे| इमरान खान की जीत पाकिस्तान के लिए कितनी फायदेमंद रहेगी, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन भारत के लिए चिंता का सबब ज़रूर बन सकती है|

पहले नवाज़ शरीफ की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी दोनों के नेतृत्व वाली सरकार भारत के साथ द्व‍िपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अब इमरान खान की पार्टी के आने से शायद इस संबंध पर असर होगा| इमरान खान की सोच सेना की सोच से काफी मिलती-जुलती है| यदि इस चुनाव में इमरान जीतते हैं तो वे सेना के इशारे पर चलने के लिए मजबूर होंगे|

इमरान कट्टरपंथी सोच रखते हैं और वे आतंकी संगठन के साथ मिलकर काम करने में भी विश्वास रखते हैं| नवाज़ शरीफ की पार्टी और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी दोनों भारत के साथ संबंधों को सुधारने के प्रयास कर चुकी हैं, लेकिन शायद इमरान खान सेना के साथ मिलकर भारत के साथ संबंधों को सुधारने की कोशिश न करें| भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि इस चुनाव में आतंकी हाफिज़ सईद का सपना साकार नहीं हो पाया| मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा हाफिज तल्हा और दामाद खालिद वलीद भी मैदान में हैं, लेकिन इमरान का सत्ता में आना भी भारत के लिए नुकसानदायक हो सकता है|

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