बुरी ख़बर : कोरोना वेक्सिन का ट्रायल रुका, यह है कारण

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कोरोना वायरस से निपटने के प्रयासों में जुटे दुनिया के कई बड़े देश इस समय कोरोना वेक्सिन की खोज में लगे हुए है. इसे में इन उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा है. खबर है कि ऑक्‍सफर्ड की वैक्‍सीन AZD1222 के तीसरे और अंतिम चरण के ट्रायल को रोक दिया गया और इसका कारण बताया जा रहा है कि ब्रिटेन में एक व्‍यक्ति पर कोरोना वायरस वैक्‍सीन के गंभीर दुष्‍प्रभाव देखे गए. इसके बाद कोरोना वैक्‍सीन के तीसरे चरण के ट्रायल को रोक दिया गया .

Covid 19 Vaccinec World is trying to find Corona vaccine, know India is preparing for human trials in many countriesJagran Special

ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनिका की यह वैक्‍सीन पूरी दुनिया के लिए उम्‍मीद थी और भारत में भी इस वैक्‍सीन का ट्रायल शुरू हो गया था. यह अभी तक स्‍पष्‍ट नहीं हो पाया है कि मरीज में किस तरह का दुष्‍प्रभाव देखा गया है .कोरोना वायरस वैक्‍सीन के प्रयासों में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनिका की यह वैक्‍सीन सबसे आगे चल रही थी.

Sputnik V Russia Plans to Begin Phase-3 Trial of Corona Vaccine in India This Month rkt
ब्रिटेन के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मैट हैकांक ने पिछले हफ्ते आशा जताई थी कि वर्ष 2021 के शुरुआती महीनों में यह वैक्‍सीन आ जाएगी. अब इस पर प्रवक्‍ता ने कहा कि बड़े पैमाने पर ट्रायल के दौरान बीमार होने का चांस बना रहता है लेकिन इसकी स्‍वतंत्र तरीके से सतर्कतापूर्ण जांच होना जरूरी है. हम तेजी से इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं ताकि ट्रायल के समयसीमा पर इसका असर न पड़े. ऑक्सफर्ड के वैज्ञानिक न सिर्फ वैक्सीन ChAdOx1 nCoV-19 (अब AZD1222) के पूरी तरह सफल होने को लेकर आश्वस्त हैं बल्कि उन्हें 80% तक भरोसा है कि सितंबर तक वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी

 

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