ओंकारेश्वर में फिर मिले प्राचीन प्रमाण

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मध्यप्रदेश में कई स्थान ऐतिहासिक और प्राचीन इतिहास के साक्षी हैं| प्रदेश के कई इलाकों में प्राचीन इतिहास को समाहित किए ऐसे प्रमाण हमें मिल जाएंगे, जिसके बाद हम इसे और करीब से जान सकेंगे| ऐसा ही एक प्राचीन मंदिर मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से मिला है, जिसने एक बार फिर भू-गर्भ के शोधकर्ताओं को इस ओर आकर्षित किया है|

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में सभा मंडप निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान एक प्राचीन मंदिरनुमा कक्ष निकला है। मुख्य मंदिर के गर्भगृह के निकट मंदिर निकलने की जानकारी मिलने के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई| इससे खुदाई का कार्य रोकना पड़ा|  प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है। वहीं इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

ओंकारेश्वर आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ओंकारेश्वर मंदिर के साधारण द्वार के समक्ष भगवान नंदी की मूर्ति के निकट सभामंडप का निर्माण करने के लिए खुदाई की जा रही है। मंदिर में प्रवेश के लिए बनी सीढ़ियों को खोदने पर उनके नीचे सुरंग नजर आई, जिसे और खोदने पर करीब 8 बाय 8 का मंदिर जैसा कमरा मिला। इसे लेकर मंदिर के पंडित, पुजारी और लोगों में उत्सुकता है।

पुरातत्व विभाग के अधिकारी भवन के इतिहास का पता लगाने में जुटे हैं, लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह की प्राचीन चीज़ें खुदाई में सामने आई हो| इससे पहले भी उज्जैन के महाकाल मंदिर के परिसर से नाग नागेश्वर भगवान की प्राचीन मूर्ति मिली थी, वहीं दूसरे स्थानों पर भी इस तरह की प्राचीन चीज़ें खुदाई में मिली हैं|

खुदाई में निकले मंदिर के बारे में जानकारी देते हुए पंडा संघ के अध्यक्ष पंडित नवल किशोर शर्मा ने कहा कि भगवान ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में अनेक मंदिर दबे हैं। खुदाई के दौरान पहले भी मंदिर और मूर्तियां निकल चुकी हैं। जेपी कंपनी द्वारा पूर्व में इसी स्थान पर खुदाई की थी, तब भगवान की प्राचीन मूर्तियां निकली थीं। इससे साबित होता है कि यह मंदिर अति प्राचीन है|

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