अब कर्ज नहीं लौटाने वालों के नाम होंगे सार्वजनिक

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देश में बैंकों को करोड़ों का चूना लगाकर विदेश भागने वालों से परेशान होकर अब केंद्रीय सूचना आयोग ने सख्ती अपना ली है| अब से किसी भी डिफाल्टर की खैर नहीं होगी| जिन्होंने भी बैंक से लोन लिया है और वे जानबूझकर तय समयावधि के बाद भी ऋण वापस नहीं कर रहे हैं तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं| अब 50 करोड़ रुपए से अधिक का लोन लेने वालों ने यदि समय पर कर्ज नहीं चुकाया तो उनके नाम सार्वजनिक कर दिए जाएंगे|

दरअसल, सीआईसी यानी केंद्रीय सूचना आयोग ने सभी बैंकों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि जल्द से जल्द कर्ज नहीं चुकाने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाएं| वित्त मंत्रालय, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय और रिजर्व बैंक को यह जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए|

कमजोर वर्ग को करते हैं बदनाम

आयोग का कहना है कि जब कोई बड़ी रकम नहीं लौटाता तो उसका नाम सामने नहीं लाया जाता है, लेकिन यदि कोई गरीब किसान या मध्यमवर्गीय व्यक्ति कर्ज नहीं चुकाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है| सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्यलु ने इस बारे में कहा, “छोटा-मोटा कर्ज लेने वाले किसानों और अन्य को बदनाम किया जाता है जबकि 50 करोड़ रुपए से अधिक कर्ज लेकर उसे सही समय पर नहीं लौटाने वालों को काफी अवसर दिए जाते हैं| 50 करोड़ रुपए से अधिक कर्ज लेकर नहीं लौटाने वालों को एक बारगी निपटान, ब्याज छूट तथा अन्य प्रकार के विशेषाधिकार के नाम पर कई तरह की राहत दी जाती है|”

किसानों की आत्महत्या के मामले इसीलिए बढ़ते हैं 

सूचना आयुक्त ने बताया, “1998 से 2018 के बीच 30,000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की क्योंकि वे कर्ज नहीं लौटा पा रहे थे और उन्हें बैंक ने बदनाम कर दिया था| वे लोग अपनी जान दे देते हैं, लेकिन मातृभूमि नहीं छोड़ते| वहीं 7,000 धनवान ऐसे हैं, जो पढ़े-लिखे, शिक्षित उद्योगपति कर्ज लेकर विदेश भाग जाते हैं|” अब ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी| यदि कोई 50 करोड़ रुपए या उससे अधिक कर्ज लेकर उसे जानबूझकर सही समय पर नहीं लौटा रहा है तो वह 20 सितंबर 2018 से पहले यह बता सकते हैं कि आखिर वे किस कारण से ऐसा कर रहे हैं, इसका पूरा ब्योरा दें|

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