बंटवारा नहीं, मंदिर के लिए ज़मीन चाहिए 

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अयोध्या में रविवार को विश्व हिंदू परिषद की धर्म सभा हुई। धर्मसभा की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह कार्यवाह कृष्ण गोपाल ने की। वहीं नृत्य गोपालदास, प्रेमानंद महाराज, दशरथ गद्दी के ब्रजमोहनदास सहित दर्जन भर महामंडलेश्वर व सैकड़ों संत मंच पर मौजूद रहे। अपने संबोधन में विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि 25 वर्ष बाद हमें सभा के आयोजन की ज़रूरत इसलिए पड़ी ताकि  कुछ समझदार लोगों को यह याद दिलाया जा सके कि राम मंदिर का मुद्दा 6 दिसंबर 1992 के बाद से खत्म नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट टाल-मटोल कर रहा है मंदिर का निर्माण किसी भी कीमत पर होना ही  चाहिए। राय ने कहा कि यह लड़ाई 500 वर्षों से जारी है। हिंदू समाज राम जन्मभूमि वापस चाहता है। हम ज़मीन का बंटवारा नहीं चाहते हैं। हमें पूरी जमीन चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपना केस वापस लेना चाहिए। बता दें कि विहिप की धर्मसभा में शिरकत करने के लिए देशभर से साधु-संत पहुंचे हैं। अयोध्या की हर गली जय श्रीराम के नारों से गूंज रही है। अयोध्या के बड़ा भक्तमाल की बगिया में रविवार विश्व हिंदू परिषद (VHP) धर्मसभा आयोजित हो रही है।

मानसिकता नहीं शिवसेना के पास

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि शिवसेना राम मंदिर मुद्दे को हाईजैक कैसे कर सकती है। वह तो उत्तर भारतीयों को मारकर महाराष्ट्र से भगाते हैं और उन्हें बाहर निकालते हैं। जिनके पास मानवता सेवा करने की मानसिकता भी नहीं है, वे भगवान राम की सेवा कैसे कर सकते हैं।

शिवसेना ने गिराया बाबरी मस्जिद का ढांचा

सपा के कद्दावर नेता आजम खान ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का ढांचा भाजपा ने नहीं बल्कि शिवसेना ने गिराया था। वहीं उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि बलात्कारी पर पूछे गए सवाल का जवाब नहीं दूंगा। उन्होंने आरएसएस पर बोलते हुए कहा कि संघ देश में संविधान को नहीं मानती, न ही राष्ट्रीय ध्वज को।

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