दिल्ली के तबलीकी जमात के मौलाना को मौत से भी खौफ नहीं

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Nizamuddin Tablighi Jamaat Maulana Saad Coronavirus Viral Audio Tape:

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीकी जमात के मरकज़ से करीब 1700 लोगों के निकाले जाने के बाद इस मामले में रोजाना परत दर परत कई सच निकलकर सामने आ रहे हैं, लेकिन इन तथ्य की तरफ कोई गौर करने को राजी नहीं है। एक तबके द्वारा इसे मुसलमानांे को निशाना बनाने की साजिश बताया जा रहा है, लेेकिन इसका दूसरा सच सच यह है कि उनकी ही जमात के लोग उनकी जान के दुश्मन हैं। उल्टा पुलिस ने तो कई अनभिज्ञ और अनजान लोगों को इससे बचाने की कोशिश की है।

पुलिस ने इस मामले में जमात के मौलाना साद सहित 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। लेकिन फिर भी मौलाना अपने कुतर्क देने से बाज़ नहीं आ रहा है। मौलाना साद का कहना है कि यदि पुलिस मस्जिद में जाने से मना करती है, तो वह गलत है। क्योंकि मस्जिद में जाने से तो सभी बीमारियां दूर होती है।

वहीं मौलाना साद ने कहा कि जो डाॅक्टर दीन की बातों से अलग जाते हैं, हम उनकी बातों को भी नहीं मानते। अगर कोई कहता है कि मस्जिदों पर ताले डाल दो तो हम यह नहीं होने देंगे। आप खुद ही सुनिए कि मौलाना किस तरह से अपने धरम की दुकान चलाने के लिए खुद के आलिम फाजिल होने का हवाला दे रहा है।

अब बात करते हैं दिल्ली पुलिस की। लोग इस मामले के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस को गुनहगार ठहरा रहे हैं। लेकिन पुलिस इस मामले में आम लोगों का हित ही चाहती है। पुलिस ने 23 तारीख को ही जमात के कुछ प्रतिनिधियों को बुलाकर उन्हें चेतावनी दी थी। इस मुलाकात की वीडियो रिकाॅर्डिंग भी दिल्ली पुलिस द्वारा की गई थी। जिसमें पुलिस ने जमात के सदस्यों से सभी लोगों को वापस भेजने की बात कही थी। साथ ही जमात के मौलाना के खिलाफ नोटिस भी जारी किया था।

अब इस पूरे मामले के तीसरे पहलू पर आते हैं। आखिर पुलिस क्यांे इन सभी लोगों को घर भेज रही है। सिर्फ इसलिए क्यांेकि देश के दूसरे लोगों की जान बच सके। आप खुद ही समझिए कि जो लोग मरकज में शामिल हुए थे। बाद में वे अपने घर भी पहुंच गए हैं। जबकि वे कुछ दिनों तक कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में आए थे। ऐसे में सोचिए देश के हर शहर, हर गांव में कोरोना फैलने का खतरा कितना ज्यादा बढ़ा है।
अब इस पूरे मामले में मौलाना का स्वार्थ भी समझिए। मौलाना इस संकट की घड़ी में भी लोगों को धर्म के नाम पर बरगला कर अपनी धार्मिक दुकान चलाना चाहता है। बाद में वह लोगांे को इस बात के जरिए प्रलोभित करने की कोशिश करेगा कि जब पूरी दुनिया संकट मंे पड़ी थी, तब उसने दुनिया को बचाने के लिए इतने बड़े धार्मिक आयोजन को किया, लेकिन पुलिस ने उसे सफल नहीं होने दिया।
दीन के नाम पर यदि कुछ लोग मर भी जाते हैं तो उससे मौलाना को ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला, लेकिन आप सोचिए कि जिसका घर उजड़ेगा उसे इससे कितना फर्क पड़ेगा। सवाल किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं है, सवाल है सिर्फ अपने देश के लोगांे को बचाने का जो हिंदू भी है और मुसलमान भी(Maulana Saad Viral Audio Tape)

– Rahul Kumar Tiwari

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