छत्तीसगढ़ में लाइमस्टोन और बॉक्साइट के नए भंडार मिले

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छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक संपदाओं के लिए जाना जाता है| अब एक बार फिर राज्य को नई सौगात मिली है। राज्य में 500 मिलियन टन चूना पत्थर और बीस लाख टन बॉक्साइट के नए भंडार प्रमाणित किए गए हैं। स्टेट माइन एक्सप्लोरेशन कमेटी ने इन खदानों से खनन के लिए टेंडर करने की भी सहमति दी।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए खनिज सचिव सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि खनिजों के पूर्वेक्षण और अतिरिक्त खनिज भण्डारों के प्रमाणीकरण के बाद अब छत्तीसगढ़ में खनिज आधारित नए उद्योगों की स्थापना की जा सकती है। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महानिदेशक शब्बीर हुसैन ने बताया कि बलरामपुर में टंगस्टन तथा महासमुन्द, बलौदाबाजार, धमतरी और गरियाबंद में हीरे की किम्बरलाइट क्लान रॉक की खोज का कार्य किया जा रहा है।

इसके अलावा गरियाबंद जिले में रेयर अर्थ खनिज सर्वेक्षण का काम चल रहा है। महासमुन्द के सराईपाली में स्वर्ण धातु, जशपुर में बॉक्साइट, रायगढ़ में चूना पत्थर, सरगुजा में ग्रेफाइट तथा महासमुन्द में ग्लूकोनाइट खनिज के अन्वेषण का कार्य किया जा रहा है। जिओलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा रायगढ़ कोलफील्ड के तेन्दुमुड़ी तथा जोगरो ब्लॉक और तातापानी-रामकोला कोयला प्रक्षेत्र के सेन्दुर ब्लॉक में काम किया जा रहा है।

इन क्षेत्रों में कोयला खनिज के वृहद भण्डार मिलने की अपार संभावना है। इनके अलावा छत्तीसगढ़ में वर्ष 2018-19 में प्रमुख रूप से लौह अयस्क, निकल, क्रोमियम, गोल्ड, लिथियम, मालेण्डेनम, टंगस्टन, ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट, चूना पत्थर, रेयर अर्थ खनिज और हीरे की मातृशिला किम्बरलाईट और भू-रासायनिक सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष लगभग 24 हजार 693 करोड़ रूपए के खनिजों का उत्पादन किया गया। इससे राज्य सरकार के खनिज साधन विभाग को चार हजार 911 करोड़ रूपए का राजस्व मिला। 18 वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व में लगभग 11 गुना वृद्धि हुई है।

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