नाराज़ कैप्टन को मनाने पहुंचे सिद्धू

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पिछले दिनों करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए पाकिस्तान गए नवजोतसिंह सिंधू के, ‘कौन कैप्टन‘ वाले बयान से पंजाब की सियासत में आग लगी थी। वहीं सिद्धू के मौन ने इस आग में घी डालने का काम किया था, लेकिन इन सबके बीच सिद्धू ने कहा था कि छोटी सी बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है और वे स्वयं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदरसिंह से मिलकर मामला सुलझाएंगे। विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक की भूमिका निभाते हुए अपनी पार्टी को जीत दिलाने के लिए भरसक प्रयास करने वाले सिद्धू ने कुछ दिनों के लिए अपनी आवाज खो दी। अब गले की समस्या को लेकर वे कैप्टन से कैसे मिलते।

विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आने से ख़ुशी मिली और गले की तकलीफ से मिले छुटकारे के बाद सिद्धू जा पहुंचे कैप्टन से मिलने। सिद्धू ने कैप्टन से उनके घर जाकर ही मुलाक़ात की। इतने सवालों के बाद और इतने गर्म माहौल में सिद्धू और कैप्टन की मुलाक़ात होना सभी के लिए चर्चा का विषय था। सभी को यह जानने की उत्सुकता थी कि आखिर मुलाक़ात का क्या माहौल रहा। ‘कौन कैप्टन’ वाले बयान से नाराज़ चल रहे ‘कैप्टन’ को मनाने के लिए सिद्धू पाकिस्तान की सरजमीं से एक तोहफा लाए थे। सिद्धू कैप्टन के लिए पाकिस्तान से विशेष रूप से ‘तीतर’ लाए थे ताकि वे उनकी नाराज़गी को दूर कर सकें।

गौरतलब है कि अमरिंदर सिंह सिद्धू के पाकिस्तान दौरे से पहले ही नाराज थे, ऊपर से सिद्धू ने इसमें ‘कौन कैप्टन’ बयान का तड़का लगा दिया। इस तरह के बयान से कैप्टन की नाराज़गी इतनी बढ़ गई कि उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर को पाकिस्तान की साजिश तक कह डाला। वहीं इस कॉरिडोर के माध्यम से सिद्धू अमन की राह तलाशने में जुटे हैं। हालांकि सिद्धू पर आलाकमान भी काफी मेहरबान हैं और विधानसभा चुनावों में अपना जलवा दिखाने वाले सिद्धू अब हाईकमान की नज़र में भी चढ़ चुके हैं। ऐसे में हो सकता है जल्द ही सिद्धू को कोई नई जिम्मेदारी भी सौंप दी जाए।

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