2019 की 10 घटनाएं जिनसे बदली देश की राजनीति

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साल 2019 जाने वाला है। इसके बस कुछ ही दिन बचे हैं। ये साल तो जा रहा है, लेकिन साथ में कई बड़े बदलाव देकर जा रहा है। इस साल को राजनीतिक नजरिए से ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस साल फिर से मोदी सरकार ने सत्ता में भारी बहुमत के साथ आकर इतिहास रचा (Top Political News 2019)। ऐसे ही और कई राजनीतिक बदलाव भी हुए, जिनसे देश की राजनीति बदल गई। आइये जानते हैं 2019 में राजनीति में हुए बड़े बदलाव के बारे में

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1. भाजपा की भारी मतों से जीत

2019 में हुए लोकसभा चुनाव (2019 Lok Sabha elections ) में बीजेपी ने भारी बहुमत के साथ फिर से सत्ता में वापसी की और अब आने वाले पाँच साल तक मोदी सरकार राज करेगी। 2018 में दिसंबर में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के नतीजों ने भाजपा को झटका दिया था, जिसके बाद ऐसा माना जा रहा था कि बीजेपी कि सत्ता में वापसी थोड़ी मुश्किल भरी रहेगी, लेकिन हुआ इसके उलट। भाजपा ने अकेले दम पर 300 का आंकड़ा पार किया, NDA 350 से अधिक पहुंच गया।

   

2.राहुल गांधी का त्यागपत्र

लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था। कांग्रेस की करारी हार का जिम्मा अपने ऊपर लेते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया (Rahul Gandhi resigned as Congress President ) था, जिसके बाद राजनीति जगत मे बवाल मच गया था।

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3.प्रियंका गांधी का राजनीति में प्रवेश

गांधी परिवार की बेटी प्रियंका गांधी भी का भी इस बार राजनीति में प्रवेश (Priyanka Gandhi politics entry ) हुआ। उनके आने के बाद ऐसा कहा जा रहा था कि वे राहुल गांधी का स्थान लेने वाली है, लेकिन उन्होने चुनाव नहीं लड़ा था। उन्होने उत्तरप्रदेश का कार्यभार सौंपा गया।

4 . अमित शाह का चुनाव लड़ना

इस चुनाव में बीजेपी ने अपने सारे पत्ते खोल दिये थे। बीजेपी के अध्यक्ष और चाणक्य माने जाने वाले अमित शाह ने गांधी नगर से चुनाव (Amit Shah, Lok Sabha election from Gandhi Nagar)  लड़ा था, इस सीट से पहले बीजेपी के लौह पुरुष लालकृष्ण आडवाणी चुनाव लड़ते थे।

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5 . बंगाल में खिला कमल

इस साल बंगाल की राजनीति में सबसे बड़ा बदलाव हुआ था। पश्चिम बंगाल जहां कभी बीजेपी का खाता खुलना भी नामुमकिन था वहाँ बीजेपी ने 42 लोकसभा सीटों में से 18 लोकसभा सीटें अपने नाम की थी। वहीं  ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सिर्फ 22 सीटों पर सिमट गई थी।

6 . अमेठी में राहुल गांधी की ईरानी से हार

इस साल हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राहुल गांधी को आगे रखकर लड़ा, लेकिन उन्हे बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा। खुद अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी अपनी पारंपरिक सीट अमेठी से चुनाव हार गए। शायद कांग्रेस को हार का अंदेशा पहले ही था इसीलिए राहुल गांधी ने केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें जीत मिली।

7 . साध्वी से हारे दिग्विजय

इस लोकसभा चुनाव के बाद भोपाल की राजनीति में भी बड़ा बदलाव हुआ था। साध्वी प्रज्ञा, जिन्होने  राजनीति में एंट्री की ही थी, उन्होने कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय को भारी मतों से हराया।

8 . कर्नाटक का ऑपरेशन लोटस

2018 में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव बीजेपी को कम सीटें मिली थी। इसके बाद राज्य में कांग्रेस और जेडीएस ने एक साथ मिलकर सरकार बनाई, लेकिन 6 महीने के अंदर ही उनकी सरकार गिर गई जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर राज्य में सरकार बनाई और बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने.

9.  राफेल विवाद

लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा मुद्दा था राफेल। रहौल गांधी ने राफेल विमान सौदे में गड़बड़ी  का आरोप लगते हुए पीएम मोदी को चोर बताया था, जिसके कारण उन्हें  बाद में माफी भी  मांगनी पड़ी।

10. महाराष्ट्र में टूटी मित्रता

बीजेपी और शिवसेना दोनों को ही हिन्दुत्व के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी माना जाता है। दोनों की मित्रता भी काफी चर्चा में थी, लेकिन महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता की लालच में  वर्षों  पुरानी दोस्ती टूट गई। इसके बाद शिवसेना ने अपनी विरोधी विचारधारा रखने वाले कांग्रेस और एनसीपी से हाथ मिलकर नई सरकार बना ली।

                   – Ranjita Pathare

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