Video : सत्ता के नशे में चूर भाजपा विधायकों के कारनामे

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मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम अधिकारी को बल्ले से क्या पीट दिया यह बात कुछ ही देर में दिल्ली तक जा पहुंची। और जाए भी क्यों न? आखिर आकाश विजयवर्गीय छोटी-मोती हस्ती थोड़ी न है। एक तो वे ठहरे इंदौर क्षेत्र क्रमांक 3 के विधायक और दूसरे भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे। जी हां वही कैलाश विजयवर्गीय जिन्हे भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल की कमान सौंपी थी। कैलाश ने जहां बंगाल में ममता की कुर्सी हिला दी तो यहां इंदौर में उनके बेटे ने धुआंधार पारी खेल डाली। हालांकि अब आकाश को जेल की हवा खानी पड़ रही है और आगामी 11 जुलाई तक उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा क्योंकि अदालत ने उनकी जमानत याचिका नामंजूर कर दी। लेकिन यह कोई पहला मामला नहीं है जब भारतीय जनता पार्टी के नेता और विधायक सत्ता के नशे में चूर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

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आकाश की बल्लेबाजी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि मध्यप्रदेश की ही एक और विधायक ने एक अधिकारी को धमकी दे डाली। दरअसल एक और वीडियो सामने आया है जिसमें विदिशा के बासौदा के भाजपा विधायक लीला जैन एक अधिकारी को धमकी देती हुई नज़र आ रही हैं। दरअसल विदिशा के जिला पंचायत सभागार में बुधवार को जल संरक्षण, नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में भाजपा विधायक लीला जैन भी शामिल हुई थी। लेकिन इस दौरान वे अधिकारीयों से नाराज हो गई और कहने लगी कि, आप लोगों ने प्रोटोकॉल के विरुद्ध जाकर कांग्रेस के नेता और पूर्व विधायक को मुख्य अतिथि बनाकर कार्यक्रम आयोजित किया। इसी बात को लेकर एक अधिकारी को धमकी देते हुए लीला जैन ने कहा, “चौधरी जी आप ग्यारसपुर में नौकरी नहीं कर पाएंगे।”

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इससे पहले बीती 3 जून की घटना तो आप सभी को याद ही होगी। जब गुजरात के अहमदाबाद में एक भाजपा विधायक बलराम थवानी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में विधायक एक महिला पर लात-घूंसे बरसाते नज़र आ रहे थे। वह महिला एनसीपी समर्थक थी और वीडियो में उसकी चीख साफ सुनाई दे रही थी। हालांकि इस वीडियो के वायरल होने पर भाजपा विधायक ने इस पर सफाई पेश की थी और महिला से माफ़ी मांगते हुए राखी भी बंधवा ली थी।

इसके बाद बीती 14 जून को भी एक और मामला सामने आया था जिसमें उत्तराखंड के भाजपा विधायक प्रणय सिंह चैंपियन पर पत्रकारों से अभद्रता का आरोप लगा था। इस मामले में पार्टी की बुरी तरह फजीहत हुई थी। इसके बाद पार्टी ने विधायक चैंपियन को तीन माह के लिए निलंबित कर दिया था। इतना ही नहीं उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

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