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सरकार ने मानी किसानों की मांग, जानिए क्या थी मांगे

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आज उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) के कई किसान अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। अन्नदाता दिल्ली पहुंचे और उन्होने वहाँ प्रदर्शन किया। ये सभी लोग सहारनपुर से पैदल यात्रा करते हुए पहुंचे। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने काफी बंदोबस्त किए थे (Bharatiya Kisan Sangathan)। गाजीपुर बॉर्डर के यूपी गेट से निजामुद्दीन आने वाले मार्ग पर यातायात बाधित कर दिया गया था। लंबे प्रदर्शन के बाद के बाद आखिर सरकार ने किसानों की मांगे मान ही ली।

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सो रही है सरकार

प्रदर्शन के दौरान पूर्वी दिल्ली (Delhi) के ज्वाइंट सीपी ने कहा कि हम किसान मार्च पर पूरी नजर रखे हुए हैं। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Police) की पुलिस के साथ हम लगातार समन्वय बना हुआ है। किसानों की गतिविधियों पर पूरी नजर है। भारतीय किसान संगठन के उपाध्यक्ष राधे ठाकुर का कहना था कि सहारनपुर से दिल्ली के लिए निकली ‘किसान-मजदूर यात्रा’ में हजारों किसान शामिल हैं। सहारनपुर से दिल्ली के किसान घाट तक पैदल यात्रा कर रहे हैं। मौजूदा समय में किसानों की हालत दयनीय है और किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ रखे सो रही है। कहा जा रहा है कि सरकार ने किसानों कि केवल पाँच मांगे मानी है, लेकिन अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया गया है।

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ये थी किसानों की मांग

# किसान व मजदूरों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य मुफ्त।

# भारत के सभी किसानों के कर्जे पूरी तरह माफ हों।

# किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त मिले।

# किसान के साथ-साथ परिवार को दुर्घटना बीमा योजना का लाभ मिले।

# पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट और एम्स की स्थापना हो।

# किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज समेत जल्द किया जाए।

# आवारा गोवंश पर प्रति गोवंश गोपालक को 300 रुपये प्रतिदिन मिलें।

# फसलों के दाम किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में तय किए जाएं।

# भारत में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू हो।

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     – रंजीता पठारे 

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