निर्भया के दादा से CMO ने कहा भेजा ही क्यों था दिल्ली पढ़ने, कोर्ट में फूट-फूटकर रोईं निर्भया की मां

0

देश को हिला कर रख देने वाले निर्भया केस (Nirbhaya Gang Rape Case) पर आये दिन कोई न कोई प्रतिक्रिया आती रहती है। एक और पूरा देश (CMO Misbaved With Nirbhaya Family) इन दोषियों को सजा देने कि मांग कर रहा है तो दूसरी और दोषी कानून दाव पेंच अपना कर सजा कि तारीख को आगे बढ़ाते जा रहे है आपको बता दें कि इन आरोपियों को पहले 22 जनवरी को फांसी पर लटकाया जाना था लेकिन उसके बाद दया याचिका के गुहार लगाईं लगाईं दोषियों ने जिससे सजा में देर हो गई और 1 फ़रवरी हो गई फांसी कि तारीख लेकिन उसके बाद भी तय समय पर फांसी नहीं हो पाई और कानूनी दाव पेंच के चलते दोषियों के सजा कि तारीख लगातार बढ़ती जा रही है। और अभी तक कुछ निर्धारित नहीं हुआ है। एक तो निर्भया (Nirbhaya Gang Rape Case)  को न्याय नहीं मिल रहा इसके विपरीत निर्भया (Nirbhaya Case) के परिजनों से बदसलूकी कि जा रही है जी हां आपको बता दें कि एक सरकारी कर्मचारी द्वारा निर्भया के परिजन से बदसलूकी का मामला सामने आया है। इसका वीडियो भी वायरल (Video Viral) हो रहा है। वीडियो में 2012 दिल्ली गैंगरेप की पीड़िता के परिजन और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO Misbaved With Nirbhaya Family) प्रीतम मिश्रा (CMO Pritam Mishra) को बहस करते हुए देखा जा सकता है। बहस के दौरान CMO कहता है कि अगर वह मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी, तो उसे दिल्ली क्यों भेजा?

Nirbhaya Case: पवन जल्लाद ने कहा निर्भया के दोषियों को चौराहे पर होनी चाहिए फांसी

उत्तर प्रदेश के बलिया में ग्रामीण अस्पताल में डॉक्टरों (CMO Misbaved With Nirbhaya Family) और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। इसी दौरान CMO वहां पहुंचते हैं और ग्रामीणों को समझाने लगते हैं। इस दौरान वो कहते हैं कि यहां गांव में कोई है डॉक्टरी पढ़ने वाला? जब यहां कोई पढ़ने वाला नहीं है तो डॉक्टर की उम्मीद क्यों कर रहे हैं। आगे वो कहते हैं कि जब डॉक्टर पैदा नहीं होंगे तो कहां से काम करेंगे। डॉक्टर का काम अस्पताल बनाना नहीं है। पूरे गांव में एक भी डॉक्टर तो है नहीं, कर रहे हैं बड़ी-बड़ी बात। वो निर्भया के परिजन से कहते हैं कि सिर्फ अस्पताल ही नहीं, डॉक्टर भी बनाइए।

Nirbhaya Case: दोषी विनय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की क्यूरेटिव पिटीशन

इसी पर निर्भया (Nirbhaya Rape Case) के परिजन कहते हैं कि हमारे डॉक्टर (CMO Misbaved With Nirbhaya Family) को तो आप ले लिए, जिंदगी ले लिए। निर्भया का नाम नहीं सुने हैं। इस पर CMO कहते हैं कि दिल्ली क्यों भेज दिए थे? यहीं क्यों नहीं रखा। ग्रामीण गांव में चिकित्सा सुविधाओं की कमी को लेकर 2 दिनों से धरने पर बैठे थे। CMO की बात पर निर्भया की मां ने गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने CMO को हटाने की बात बोली है। निर्भया के निधन के बाद अखिलेश सरकार (Akhilesh Yadav Government) ने बलिया में इस अस्पताल का निर्माण कराया था। अब इस हॉस्पिटल में डॉक्टर नहीं है। 204 पद हैं, लेकिन डॉक्टर सिर्फ 70 हैं।

आपको बता दें कि निर्भया के पैतृक गांव मड़ावरा कला में निर्भय के नाम पर सरकार ने अस्पताल बनवाया था, ताकि निर्भया का सपना पूरा हो सके. निर्भया का सपना था कि वह डॉक्टर की पढ़ाई कर गांव में अस्पताल खोले, ताकि गांववालों को बाहर न जाना पड़े. पांच साल पहले अस्पताल तो आधा-अधूरा बन गया मगर वहां आज तक डॉक्टर और नर्स तक नहीं पहुंचे. इसी से नाराज होकर निर्भया के दादा की अगुवाई में गांववाले धरने पर बैठे थे और CMO उनको आश्वासन देने पहुंचे थे. मगर वह परिजनों और गांव वालों को बेइज्जत कर गए.

आपको बता दें  दिल्ली (CMO Misbaved With Nirbhaya Family) की बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में दिल्ली की एक अदालत में आज सुनवाई हो रही है। निर्भया के माता-पिता द्वारा एक याचिका दायर की गई है, जिसमें चारों दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी करने की मांग की गई है. निर्भया की मां ने कोर्ट में कहा कि मेरे अधिकार का क्या हुआ? मैं हाथ जोड़कर खड़ी हूं, कृप्या दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया जाए। मैं भी इंसान हूं। इस केस के सात साल से अधिक हो गए हैं। यह बोलकर वह फूट-फूटकर रोने लगीं।

निर्भया केस (CMO Misbaved With Nirbhaya Family) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद दया याचिका और क्यूरेटिव पेटिशन के कारण से दो बार फांसी की तारीख टालनी पड़ी है। कोर्ट ने फिलहाल अनिश्चितकालीन के लिए दोषियों की फांसी की तारीख टाल दी है। निर्भया की मां रोते हुए कोर्ट से बाहर निकल गई। निकलते हुए उन्होंने कहा कि मैं अब भरोसा और विश्वास खोती जा रही हूं। कोर्ट को यह जरूर समझना होगा कि दोषी देरी करने के लिए लगातार हथकंडे अपना रहे हैं। निर्भया की मां ने कहा कि मैं अपनी बेटी के लिए न्याय पाने यहां से वहां भटक रही हूं। दोषी सजा टालने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं। मैं यह नहीं समझ पा रहीं हूं कि कोर्ट इस बात को क्यों नहीं समझ पा रहा है।

Nirbhaya Case: निर्भया की मां से बोली दोषी मुकेश सिंह की मां- मेरे बेटे को माफ कर दो

-मृदुल त्रिपाठी 

 

Share.