जवाहरलाल नेहरू न होते पीएम, तो नहीं होता पाकिस्तान!

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आज़ादी के बाद से लेकर अब भी पाकिस्तान के कारण हिंदुस्तान को परेशान होना पड़ रहा है। कई बार दोनों देशों के बीच युद्ध (India Pakistan war) भी हुए हैं। सालों से चला आ रहा यह सिलसिला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है, लेकिन अब इन सब के लिए भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (India’s first Prime Minister Jawaharlal Nehru) को दोषी ठहराया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यदि नेहरू (Nehru) के स्थान पर वीर सावरकर (Veer Savarkar) देश के प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान का जन्म भी नहीं होता।

जानकारी के अनुसार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने आत्मकथा ‘सावरकर: इकोज फ्रॉम अ फॉरगाटेन पास्ट’ के विमोचन के मौके पर अपने एक भाषण मे कहा कि अगर वीर सावरकर इस देश के प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान का अस्तित्व ही नहीं होता। सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। हम गांधी और नेहरू द्वारा किए गए काम से इनकार नहीं करते हैं, लेकिन देश ने दो से अधिक परिवारों को राजनीतिक परिदृश्य पर अवतरित होते हुए देखा।

हमारी सरकार हिंदुत्व की सरकार

उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने आगे कहा कि हमारी सरकार हिंदुत्व की सरकार है। उन्हें नेहरू को वीर कहने में कोई आपत्ति नहीं होती यदि वह 14 मिनट भी जेल के भीतर सावरकर की तरह रहे होते। सावरकर 14 साल तक जेल में रहे थे। इसी के साथ उन्होने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी को नई किताब पढ़नी चाहिए और सावरकर के कामों के बारे में अधिक जानना चाहिए। ठाकरे ने ऐसा इसीलिए कहा क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली में कहा था कि वीर सावरकर ने जेल से आजादी पाने के लिए अंग्रेजों से माफी मांगी थी। ठाकरे ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान कि भी आलोचना की, जिसमें अय्यर ने सावरकर का विरोध किया था और सावरकर पर विवादित बयान भी दिया था।

       – रंजीता पठारे

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