‘काश्मीर में सख्त पॉलिसी असंभव’

0

जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने पीडीपी के साथ गठबंधन से ख़ुद को अलग कर लिया और महबूबा मुफ़्ती की सरकार गिर गई| इस घटनाक्रम के बाद महबूबा मुफ़्ती ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दे दिया| इसके बाद महबूबा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तथा अपनी दलीलें दी| महबूबा ने खुद की उपलब्धियों को भी गिनाया|

महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि अवाम की भलाई के लिए यह गठबंधन हुआ था और उसमें सरकार सफल हुई| उन्होंने कहा कि हमने लोगों के दिलों से धारा 370 का डर खत्म किया, जम्मू और कश्मीर को इकट्ठा करने की कोशिश की तथा 370 से छेड़छाड़ नहीं होने दी| मुफ़्ती ने एक बात प्रमुखता से कही कि जम्मू-कश्मीर में सख़्ती की पॉलिसी संभव नहीं है| मतलब साफ़ है कि मुफ़्ती पाकिस्तान से सुलह करने को ही कश्मीर समस्या का हल समझती हैं|

जम्मू-कश्मीर में सरकार गिरने के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजियां तेज़ हो गई हैं| कांग्रेस भाजपा के इस निर्णय को जम्मू-कश्मीर भाजपा की असफलता बता रही है| वहीं  कुछ लोग इसे चुनावी हितों को साधने के लिए राजनीतिक निर्णय बताया है| रक्षा विशेषज्ञ केके सिन्हा ने इस घटना को भारत के लिए एक बड़ा अवसर बताया है|

Share.