प्राइवेसी पर खतरे से बचाने के लिए…

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आधार की उपयोगिता हर सरकारी और गैर-सरकारी कार्य के लिए बढ़ती जा रही है| सिम कार्ड से लेकर बैंक अकाउंट खुलवाने तक हर काम आधार के जरिये ही होता है| आधार कार्ड में दी गई हमारी निजी जानकारी की गोपनीयता पर हमेशा से सवाल उठे हैं और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में कार्रवाई भी चल रही है|

इसी बीच यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) ने आधार यूज़र्स के लिए वर्चुअल आईडी की शुरुआत की है| यूआईडीएआई का कहना है कि जल्द ही सर्विस प्रोवाइडर्स आधार के बदले इस वर्चुअल आईडी को स्वीकार करेंगे| इसका मतलब यह है कि अब आपको आइडेंटिफिकेशन के लिए आधार नंबर देने की जरुरत नहीं होगी| इसके लिए वर्चुअल आईडी का इस्तेमाल कर सकेंगे|

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने वर्चुअल आईडी का बीटा वर्जन जारी कर दिया है| इसे यूआईडीएआई की वेबसाइट पर आप जनरेट कर सकते हैं| 16 अंकों की यह आईडी जनरेट करने के बाद कहीं भी आधार वेरिफिकेशन के लिए आप इस आईडी को दे सकेंगे| आपके रजिस्टर्ड नंबर पर आए ओटीपी के जरिये आप यह आईडी जनरेट कर सकते हैं और एक दिन में जितनी भी बार आप चाहें आप की वर्चुअल आईडी जनरेट हो सकती है| इससे प्राइवेसी पर खतरे कम होंगे और आधार की निजता बढ़ेगी| सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट में चल रहे आधार के मुक़दमे में राहत मिलेगी|

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