शिवरात्रि से शुरू होगी देश की तीसरी निजी ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस

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  • काशी विश्वनाथ, बाबा महाकाल और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंगों को जोड़ने वाली काशी-महाकाल एक्सप्रेस (Kashi Mahakal Express) रविवार से शुरू।
  • एक्सप्रेस में बाबा महाकाल के लिए सीट आरक्षित।
  • ट्रेन में भक्ति और आस्था का माहौल।
  • भजन-कीर्तन करते हुए यात्रियों ने किया सफर।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी-झंडी दिखाकर ट्रैन को किया रवाना।

रविवार 16 फ़रवरी 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)  ने काशी-महाकाल एक्सप्रेस (Kashi Mahakal Express) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जो सोमवार सुबह तकरीबन 6.30 बजे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंची जहां ढोल-ढमाकों के साथ इसका जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद यहां से रवाना होकर काशी-महाकाल एक्सप्रेस (Kashi Mahakal Express) इंदौर स्टेशन पहुंची और यहां भी इसका जोरदार स्वागत किया गया। चूंकि यह ट्रायल रन था जिसके तहत काशी-महाकाल एक्सप्रेस वाराणसी से इंदौर पहुंची (Kashi Mahakal Express Varanasi To Indore) , इस वजह कोई बड़ा या विशेष कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था। ट्रायल रन पूरा हो चुका है और अब यह नियमित रूप से चलने के लिए पूरी तरह से तैयार है। गुरुवार 20 फ़रवरी से इसका नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। अब जानते हैं इसकी खासियत के बारे में।

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काशी-महाकाल एक्सप्रेस (Kashi Mahakal Express) तीसरी कॉर्पोरेट ट्रेन है जो उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के ज्योतिर्लिंगों को आपस में जोड़ेगी। पहली कॉर्पोरेट ट्रेन ‘तेजस एक्सप्रेस’ लखनऊ और दिल्ली के बीच चलाई गई थी। दूसरी कॉर्पोरेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच शुरू की गई थी और अब यह तीसरी कॉर्पोरेट ट्रेन है जो वाराणसी से इंदौर के बीच चलाई जानी है। हालांकि ट्रायल रन के दौरान इसमें यात्रियों की संख्या काफी कम थी लेकिन रेलवे अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि इसके नियमित संचालन के बाद बेहतर रिस्पॉन्स मिलेगा। फिलहाल इस ट्रेन के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक निर्धारित किया गया है और यह ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। हालांकि इसके क्रू मेम्बर्स में तेजस एक्सप्रेस की तरह लड़कियां शामिल नहीं होंगी। ट्रेन में खानपान की गुणवत्ता अच्छी है और सुरक्षा की भी पूरा ध्यान रखा गया है साथ ही लखनऊ से इंदौर के बीच यात्रा के दौरान 300 रुपए का कैटरिंग चार्ज भी यात्रियों को देना होगा। इस ट्रेन की हर बोगी में चाय और कॉफ़ी की सुविधा के लिए वेंडिंग मशीन लगाई गई है जो पूरी तरह निःशुल्क है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि प्रत्येक बोगी में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, इसके अलावा हर कोच में 5 सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए जाएंगे।

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इस ट्रेन (Kashi Mahakal Express) में कुल 1080 सीटें होंगी और इसका न्यूनतम किराया 1629 रु. होगा। इसमें 120 दिन की एडवांस बुकिंग करवाई जा सकती है। इस ट्रेन से सफर करने वाले हर यात्री का 10 लाख रुपए का बीमा होगा। वहीं आरक्षण चार्ट तैयार होने के बाद व ट्रेन चलने के 5 मिनट पहले तक सीट बुक की जा सकती है। सीट बुक करने के लिए स्टेशन पर बने आरक्षण केंद्र से इसे बुक करना होगा। काशी-महाकाल एक्सप्रेस हफ्ते में 3 दिन सचालित की जाएगी जिसमें 2 दिन इसका रुट लखनऊ, कानपुर, बीना, भाेपाल, उज्जैन होते हुए इंदौर होगा, जबकि रविवार को इसका रुट इलाहाबाद-कानपुर-बीना, भोपाल, उज्जैन (Ujjain) होते हुए इंदौर (Indore) रहेगा।

पूरी समय सारिणी

ट्रेन संख्या (Kashi Mahakal Express) 82401 मंगलवार व गुरुवार को दोपहर 2:45 बजे वाराणसी से रवाना होगी जो लखनऊ, कानपुर, बीना, भोपाल, उज्जैन होते हुए अगले दिन सुबह 9:40 बजे इंदौर पहुंचेगी।

इंदौर से ट्रेन संख्या 82402 की वापसी बुधवार व शुक्रवार सुबह 10:55 बजे होगी जो कानपुर, लखनऊ होते हुए सुबह 6 बजे वाराणसी पहुंच जाएगी।

वाराणसी से रविवार को ट्रेन संख्या 82403 दोपहर 3:15 बजे रवाना होगी जो इलाहाबाद (प्रयागराज) होते हुए अगली सुबह 9:40 बजे इंदौर पहुंचेगी। वहीं इसकी वापसी सोमवार सुबह 10:55 बजे इंदौर स्टेशन से ट्रेन संख्या 82404 के रूप में होगी। यह इलाहाबाद होते हुए सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंचेगी।

बता दें कि ट्रायल रन (Kashi Mahakal Express) के दौरान इस ट्रेन की रफ़्तार 130 किमी. प्रति घंटा रही, यदि नियमित संचालन के दौरान भी इसकी रफ़्तार यही रही तो यह यात्रियों की पहली पसंद बन जाएगी। इस ट्रेन में 9 थर्ड एसी बोगियां, पैंट्री कार, दो ब्रेकवॉन कोच होंगे। बोगियों में लाइटिंग, सामान रखने के लिए अतिरिक्त शील्ड्स, ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स, डिस्प्ले बोर्ड्स और ऊपर की बर्थ पर चढ़ने के लिए बढ़िया रैंप बने हुए हैं। इस ट्रेन का किराया डायनाॅमिक रहेगा। मतलब इस ट्रेन की 70% बुकिंग हो जाने पर इसके किराए में 10 फीसदी का इजाफा होगा। वहीं 90% से ज्यादा बुकिंग हो जाने पर इसके किराए में 20% की वृद्धि हो जाएगी। वहीं इसके ट्रायल रन के बाद खबर आई थी कि इस ट्रेन के B-5 कोच की 64 नंबर सीट पर बाबा महाकाल की सीट रिजर्व की गई है और वह यथावत रहेगी, जिस पर काफी विवाद हुआ। हालांकि बाबा महाकाल की सीट रिजर्व रखने को लेकर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी है। उत्तर रेलवे का कहना है कि बाबा महाकाल के लिए कोई सीट रिजर्व नहीं की गई है। रेलवे (Kashi Mahakal Express) के स्‍टाफ ने ट्रेन की शुरुआत में पूजा के हिसाब से भगवान के फोटो लगाकर इसकी अस्‍थायी व्‍यवस्‍था की थी।

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Prabhat Jain

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