यह है भय्यू महाराज के जीवन की कहानी

0

संत भय्यू महाराज ने मंगलवार दोपहर 12.30 से 1.45 बजे के बीच खुद को गोली मार ली। भय्यू महाराज के निधन से उनके चाहने वालों में शोक की लहर है| भय्यू महाराज ने गोली अपने माथे को निशाना बनाकर मारी, जिसके बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि घटना की जानकारी उनकी पत्नी के घर लौटने के बाद मिल सकी, जिसके बाद उनके कमरे का दरवाजा तोड़कर उन्हें बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया| बाद में  चिकित्सकों की टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया| जैसे ही संत द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर फैली कांग्रेस और भाजपा नेताओं के साथ बड़ी संख्या में उनके अनुयायी बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे|

प्रदेश के बाहर भी है आश्रम

शुजालपुर में जन्मे भय्यू महाराज का वास्तविक नाम उदयसिंह देशमुख है। इंदौर में बापट चौराहे पर 20 साल पुराना उनका आश्रम है, जहां से वे अपने ट्रस्ट और सामाजिक कार्यों का संचालन करते हैं जबकि उनका स्कीम नं. 54 में एक पुराना घर है | उन्होंने 3 साल पहले अपने लिए आलीशान आवास बनवाया था|  भय्यू महाराज की पहली पत्नी का नाम माधवी है, जिनका पुणे में निधन हो चुका है। माधवी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो फिलहाल पुणे में पढ़ाई कर रही है। भय्यू महाराज ने गत वर्ष ही दूसरी शादी डॉक्टर आयुषी से की है|

मॉडलिंग भी कर चुके हैं संत

भय्यू महाराज की हर क्षेत्र में पहुंच मानी जाती है। वे धर्म के क्षेत्र से पहले मॉडलिंग की दुनिया में भी अपना भाग्य आजमा चुके हैं | उनकी फिल्म, राजनीति हो या फिर समाजसेवा हर क्षेत्र में जबर्दस्त पकड़ रही है | देश के कई बड़े राजनेता, अभिनेता, गायक और उद्योगपति उनके आश्रम में आ चुके हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, शिवसेना के उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, लता मंगेशकर, आशा भोंसले, अनुराधा पौड़वाल और फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी शामिल हैं।

Share.