देश की पहली महिला, जिसे हो सकती है फांसी

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14-15 अप्रैल 2009

स्थान : उप्र के अमरोहा जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र का बावनखेड़ी गांव

जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में आज लोग काफी दहशत में हैं| सभी के भीतर एक अजीब सा खौफ छाया है| इसका कारण यह है कि ग्रामीणों को सूचना मिली है कि गांव में 7 लोगों की एक साथ किसी ने ह्त्या कर दी है| जहां ह्त्या हुई थी, उस घर के आगे लोगों की भीड़ लग गई| वहां का दृश्य देख लोग सिहर उठे| घबराए लोगों ने तुरंत पुलिस को बुलाया|

सूचना मिलते ही तुरंत हसनपुर थाना क्षेत्र से पुलिस कर्मी आए और तफ्तीश में जुट गए| पुलिस ने आसपास के लोगों से घर में रहने वाले लोगों की जानकारी ली| लोगों ने बताया कि इस घर में रहने वाले सभी लोगों की हत्या हो चुकी है सिवाय शबनम के, और वह यहां उपस्थित भी  नहीं है| शबनम इस घर की बेटी थी| इस पर पुलिस ने शबनम की तलाश शुरू कर दी|

तलाश के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि दरअसल, शबनम सलीम नामक अपने प्रेमी के साथ घर से भाग गई है| इससे शक की सुई सलीम और शबनम की ओर मुड़ गई| पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान शबनम टूट गई| उसने जो खुलासा किया उससे पुलिस भी चौंक गई| उसने बताया कि घर छोड़ने से पहले अपने ही परिवार के 7 लोगों का गला रेत कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था| इस घटना के कारण उन सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी|

मामले के खुलासे के 2 साल बाद अमरोहा की एक अदालत ने शबनम को मौत की सज़ा सुनाई, जिसके बाद इलाहाबाद की हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी फांसी की सजा पर मोहर लगा दी| तब से आज तक घटना को भले ही दस वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी शबनम अपने 8 महीने के बच्चे और सात अन्य लोगों की हत्या के आरोप में मुरादाबाद जेल में बंद है| वहीं सलीम भी सेंट्रल जेल में सज़ा काट रहा है|

इस गांव के लोगों ने इस घटना के बाद अपनी बेटियों का नाम “शबनम” रखना ही बंद कर दिया है | आज भी उत्तरप्रदेश की यह घटना सबसे दर्दनाक और भयानक घटनाओं की लिस्ट में शामिल है, जिसे पूरा देश जानता है|

शबनम और सलीम का एक बेटा भी है, जो 10 साल का हो चुका है और बुलंदशहर के एक पत्रकार उस्मान सिफ़ी और वंदना के साथ रहता है| उस्मान और शबनम कॉलेज में साथ पढ़ते थे इसलिए उन्होंने उसके बच्चे की जिम्मेदारी ली थी| फ़िलहाल शबनम और सलीम को फांसी दी जाएगी या नहीं इस बारे में कोर्ट का फैसला आने वाला है| दोनों ने राष्ट्रपति के पास दया की याचिका दायर की थी| अब सरकार क्या फैसला करेगी और शबनम के साथ क्या होगा, इस बात का इंतज़ार पूरा देश कर रहा है|

-अंकुर उपाध्याय

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