हिज्बुल ने दिया यात्रियों को सुरक्षा का भरोसा

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जम्मू-कश्मीर में यूं तो आतंकी हमले का खतरा 12 महीने बरक़रार रहता है, लेकिन जब अमरनाथ यात्रा की बारी आती है तो सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ जाती है| इस बार भी अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा कड़ी करने की बात कही है| इस बीच आतंकी संगठन हिज्बुल के एक संदेश ने सभी को चौंका दिया है| देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा को लेकर इस आतंकी संगठन के विचार ही बदल गए हैं| आतंकी संगठन ने सभी यात्रियों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया है|

आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन ने कहा कि वह यात्रियों पर हमला नहीं करेगा। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो मैसेज के माध्यम से हिज्बुल मुजाहिद्दीन के ऑपरेशनल कमांडर रियाज अहमद नायकू ने यात्रियों से कहा कि इस साल वे अमरनाथ यात्रा पर बिना किसी सुरक्षा कवर के जा सकते हैं। 15 मिनट के इस ऑडियो क्लिप में नायकू ने कहा, “आप हमारे मेहमान हैं, आपको किसी तरह की कोई सुरक्षा की जरूरत नहीं है।”

साथ ही कहा गया है कि 1990 में घाटी से पलायन करने वाले कश्मीरी पंडित भी  लौट सकते हैं। सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल नायकू ने कहा कि हिज्बुल की लड़ाई कभी भी भारत के लोगों के खिलाफ नहीं रही है। अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू बैस कैम्प से अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था बुधवार सुबह रवाना हुआ। जम्मू-कश्मीर के प्रमुख सचिव बीवीआर सुब्रहमण्यम, जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सलाहकार बीबी व्यास और विजय कुमार ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा के पहले जत्थे को रवाना किया|

डीजीपी के बयान को ठहराया गलत

संदेश में नायकू ने इस बात का भी ज़िक्र किया कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा था कि अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा को चाक-चौबंद कर लिया गया है क्योंकि आतंकी यात्रा पर हमला करने की योजना बना रहे हैं, लेकिन यह सच नहीं है। हमारी अमरनाथ यात्रा पर हमला करने की कोई योजना नहीं है और हम कभी भी यात्रियों  पर हमला नहीं करेंगे।

ऑडियो में कहा गया है, “यात्री अमरनाथ यात्रा पर धार्मिक मकसद से आते हैं। हमने पहले कभी भी अमरनाथ यात्रियों पर हमला नहीं किया क्योंकि हमारी लड़ाई यात्रियों के साथ नहीं है। हमारी लड़ाई उन लोगों के साथ हैं, जो हमारे लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं और जिन्होंने हमें बंदूक उठाने के लिए मजबूर किया है।”

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