Amarnath Yatra को रोकना सरकार की साजिश या आतंकी साया ?

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जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में खलबली मची हुई है। वहां सामान्य इंसान से लेकर राजनीतिक पार्टियां तक सभी परेशान हैं। ऐसा लग रहा है जैसे घाटी में घबराहट का माहौल बना हुआ है। ये सब सरकार द्वारा अमरनाथ यात्रा (Amarnath Cave Temple) पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद हुआ है। इस प्रतिबंध (Jammu Kashmir Amarnath Yatra 2019) के बाद कई लोगों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और घाटी के वे राजनीतिक दल जो परस्पर विरोधी थे, वे भी इस मामले मे एक सुर में विरोध जाता रहे हैं। इसके बाद अब सवाल किया जा रहा है कि क्या घाटी पर सच में आतंकी साया मंडरा रहा है या फिर ये केवल भाजपा सरकार कि एक साजिश है ?

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घाटी खाली करवाने के लिए नाटक ?

कई लोगों का कहना है कि भाजपा सरकार जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir Amarnath Yatra 2019) मे कई बदलाव लाने वाली है, जिसका फैसला आने के बाद वहां दंगा-फसाद बढ़ जाएगा। लोगों को यह भी लग रहा है कि सरकार ने यात्रा कैंसिल कर बाहरी लोगों को बाहर निकाल दिया, क्योंकि इसके बाद केवल घाटी के ही लोग बचेंगे, जिन पर काबू पाया जाना आसान होगा! ये केवल धारा 35 ए और 370 को हटाने के लिए किया जा रहा है।

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अमरनाथ यात्रा (Jammu Kashmir Amarnath Yatra 2019) कैंसिल करने के बाद अब सरकार का कहना है कि पाकिस्‍तान (Pakistan) मैं मौजूद जैश-ए-मोहम्‍मद (Jaish-e-Mohammad) जम्‍मू-कश्‍मीर में कई आतंकी हमलों को अंजाम देने की फिराक में है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, पीओके में बैठा जैश सरगना मसूद अजहर का भाई इब्राहिम अजहर जम्‍मू-कश्‍मीर में 15 खूंखार आतंकियों की घुसपैठ कराने की फिराक में है।  इसीलिए यात्रा को कैंसिल कर सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

घाटी मे होने वाला है कुछ बड़ा

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धारा 35 ए को हटाने के कयास इसीलिए भी लगाए जा रहे हैं क्योंकि  कश्मीर (Jammu Kashmir Amarnath Yatra 2019) में केंद्र सरकार ने 100 कंपनियों के बाद 25 हजार अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजने का फैसला किया है,  जो कि साफ संदेश है कि घाटी में कुछ बड़ा होने वाला है। घाटी में 35 ए को लेकर आशंकाओं का दौर परवान पर है। अब सरकार कि सभी कार्रवाई और गतिविधियों पर जम्मू-कश्मीर के विपक्षी और सरकार के विरोधी नजर गढ़ाए बैठे हैं।

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