#TempleTerrorAttack : दिल्ली के मंदिर में तोड़फोड़ का क्या है सच ? जानिए

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राजधानी दिल्ली (Temple Terror Attack In Delhi) के चावड़ी बाजार ( Chawri Bazar) के लाल कुंआ (Lalkuan ) इलाके में तनाव का माहौल अभी भी बरकरार है। ये मामला रविवार देर रात पार्किंग विवाद (#TempleTerrorAttack) के बाद शुरू हुआ था, जिसने बाद में साम्प्रदायिक रंग ले लिया। एक समुदाय के कुछ लोगों ने इलाके में स्थित एक मंदिर पर पथराव कर दिया, जिससे मंदिर को क्षति पहुंची। इसके बाद मामला और बढ़ गया।

दक्षिणपंथी रुझान वाले फ़ेसबुक ग्रुप्स, व्हाट्स ऐप ग्रुप्स और ट्विटर पर इन झड़प की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि मुस्लिमों ने जान बूझकर मंदिर तोड़ा, लेकिन मामले की सच्चाई कुछ और ही है। हम आपको बताते हैं कि क्या है असल मामला।

पुरानी दिल्ली के लाल कुआं बाज़ार में स्थित ‘गली दुर्गा मंदिर’ के पास दुर्गा, शिव, राम, हनुमान समेत अन्य हिन्दू देवी देवताओं की झांकियों वाले इस मंदिर में तोड़फोड़ की गई (Temple Terror Attack In Delhi)। स्थानीय लोगों के अनुसार विवाद बाइक पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था, जो बाद में धार्मिक तनाव में तब्दील हो गया। इस मामले में मुस्लिम लोगों का कहना है कि चार-पांच हिन्दू लड़कों ने नशे की हालत में पार्किंग को लेकर मोहम्मद नाम के एक मुस्लिम युवक को बुरी तरह पीटा।

वहीँ एक अन्य व्यक्ति ने अनुसार मोहम्मद (20) एक इमारत के बाहर अपना स्कूटर खड़ी कर रहा था। इमारत के एक निवासी संजीव गुप्ता ने इस पर आपत्ति जतायी जो कि वहां खाने-पीने की एक दुकान चलाता है। इसके बाद बहस हुई। स्कूटर खड़ा करने पर आपत्ति की तो तब तो मोहम्मद वहां से चला गया लेकिन वह बाद में वहां और व्यक्तियों के साथ आया और मारपीट करने लगा। उन्हीं लोगों ने मंदिर में भी तोड़फोड़ की।

वहीँ वाली में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि गली के भीतर क़रीब 25-30 लोग घुस आए थे। इस भीड़ ने गली में दाख़िल होते ही मंदिर को खंडित किया। उसके बाद गली के भीतर घरों के दरवाज़ों पर पत्थर मारे और कुछ ही देर बाद ये भीड़ गली से बाहर निकल गई। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे हैं।

मंदिर के पुजारी अनिल कुमार पांडेय ने कहा, ‘‘भीड़ रात करीब 12 बजे मंदिर आयी। उसने मंदिर में तोड़फोड़ की और वहां से चली गई।’’ सोमवार को तोड़फोड़ के निशान दिखे। इसमें मंदिर का शटर क्षतिग्रस्त दिखा, मूर्तियां भी थोड़ी क्षतिग्रस्त थीं।

हंगामे के बाद किसी तरह की कोई हिंसा ना हो, इसे लेकर पुलिस ने भारी बंदोबस्त किया हुआ है।  दोनों समुदायों के बीच दूरी बनाये रखने के लिए पुलिस ने बकायदा बैरिकैडिंग की हुई है और अकारण किसी व्यक्ति को इलाके में आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। अभी भी विवाद की स्थिति बन सकती है, जिससे बचने के लिए पुलिस ने पर्याप्त इंतजाम किये हैं।

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