बेटियों के लिए 12 दिन बाद भी जारी है स्वाती मालिवाल का अनशन  

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हैदराबाद, उन्नाव, बिहार, इंदौर, मंदसौर, बक्सर, भोपाल, लखनऊ और भी न जाने कितने ही शहरों से पिछले कुछ दिनों में बेटियों की चीखें सुनाई दी हैं। कितनी ही बेटियाँ जलाई गई हैं और कितनी ही न्याय की आस में आज भी कानून का मुंह ताक रही हैं। इन्हीं बेटियों को न्याय दिलाने और बलात्कार जैसे जघन्य अपराध पर जल्द सजा सुनाने की मांग के साथ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष  स्वाती मालिवाल (Delhi Women Commission chairperson Swati Maliwal) पिछले 12 दिनों से अनशन (Swati Maliwal hunger strike) पर बैठी है। प्रतिदिन उनकी हालत खराब होते जा रही है।

नहीं होगी निर्भया के दोषियों की फांसी ?

सरकार की अनदेखी

स्वाती मालिवाल (Swati Maliwal’s hunger strike ) पिछले 12 दिनों से अनशन पर बैठी हैं, लेकिन सरकार का कोई भी नुमाइंदा अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा है। डॉक्टर से अनुसार स्वाती मालिवाल की हालत आगे और गंभीर होने की संभावना बनी हुई है। स्वाति का ब्लड प्रेशर कल 90/70 था जो कि सामान्य से काफी कम है। वे इतनी ज्यादा कमजोर हो चुकी हैं कि ज्यादा हिल नहीं पा रही हैं और न ही वे अच्छे से बात कर पा रही है। अनशन स्थल  पर कई कठिनाइयों के बाद किसी तरह व्यवस्था की गयी है।

फांसी के खौफ से बदहवास हो रहे निर्भया के हत्यारे

निर्भया कि मां ने की स्वाती मालिवाल से मुलाक़ात

कोर्ट द्वारा निराशा प्राप्त कर वापिस लौटे निर्भया (Nirbhaya) के माता-पिता अनशन पर बैठी स्वाती मालिवाल (Swati Maliwal hunger strike) से मिलने पहुंचे। उन्होने भावुक होकर स्वाति को उनका अनशन खत्म करने की अपील की, लेकिन इसका कोई फाइदा नहीं हुआ।  इसके बाद स्वाति से कहा कि आज आप 11 दिन से अनशन कर रही हो लेकिन बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभी तक सरकार की तरफ से कोई आपसे मिलने तक नहीं आया। स्वाति की हालत देख निर्भया की की मां भावुक हो गई और उन्हें गले मिलकर बोली कि हम इस देश में निर्भयाओं को तो नहीं बचा पा रहे लेकिन जो उन निर्भयाओं के लिए जंग लड़ रही है उन्हें बचाने का फर्ज हमारा बनता है। इसके बाद निर्भया की मां ने एक चिट्ठी लिखकर केंद्र सरकार को स्वाति की मांगों को मानने की अपील की और यह भी कहा की स्वाति देश के लाखों महिलाओं की जंग लड़ रही है और उन्हें बड़ा दुख है कि सरकार की तरफ से उनकी सुध लेने कोई नहीं आ रहा। आँखों में आंसू लिए स्वाती मालिवाल ने निर्भया की मां से कहा कि उन्हें लड़ाई लड़ने की हिम्मत उन्हीं से मिली है और जिस प्रकार उन्होंने 7 साल तक एक लंबी लड़ाई लड़ी है, वो नहीं चाहती कि देश मे किसी और महिला और उसके परिवार को न्याय के लिए जूझना पड़े।

क्या है स्वाती मालिवाल की मांग ?

स्वाति (Swati Maliwal hunger strike) ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में मांग की है कि दुष्कर्म के मामले में दोषियों को छह महीने में फांसी दिया जाए। कानूनों में जरुरी संसोधन किया जाए। दुष्कर्म के मामले में छह महीने के भीतर अपील और सुनवाई पूरी हो। सरकार स्वाती मालिवाल कि मांगे मानना तो दूर उनसे मिलने या उनका अनशन तुड़वाने भी नहीं  पहुंची है। हमारे देश में ऐसा ही होता है लगातार देश की निर्भयाओं को समाज के दरिंदे नोच रहे हैं और इसी समाज में दरिंदे निर्भय होकर आराम से घूम रहे हैं ।

इस जेल में होगी निर्भया के हत्यारों को फांसी, हो गई तैयारी!

          – Ranjita Pathare 

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