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ताजमहल को संभाल नहीं सकते तो ढहा दो..

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देश की अनमोल धरोहर और दुनिया के अजूबों में शामिल ताजमहल के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है| ताजमहल के रखरखाव और संरक्षण के लिए कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को फटकार लगाई है| कोर्ट ने कहा है कि यदि इसे संभाला नहीं जा रहा है तो उसे ढहा दीजिए| पिछले कई दिनों से ताजमहल की चमक फीकी पड़ती जा रही है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्देश भी दिए, जिनका पालन नहीं होने पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई|

ताजमहल के संरक्षण के लिए कोर्ट ने फ्रांस के एफ़िल टॉवर का भी उदाहरण दिया| सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक साल में एफ़िल टॉवर को देखने 80 मिलियन लोग जाते हैं वहीं ताजमहल को देखने के लिए एक साल में 5 मिलियन लोग ही जाते हैं फिर भी इसका संरक्षण अच्छे से नहीं किया जा रहा है|

जस्टिस मदन भीमराव लोकुर ने सुप्रीम कोर्ट में फटकार लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार के इस रवैये से देश को नुकसान हो रहा है| टूरिस्ट को लेकर भी गंभीरता दिखाई नहीं देती है| आपको ताज को बचाने, टूरिस्टों के लिए सुविधा जुटाने से ज़्यादा इसे बिगाड़ने की चिंता है, तभी तो आपने उद्योग लगाने की अर्ज़ियां ले ली है| कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ताज ट्रेपिजियम जोन (टीटीजेड) कुछ नई फैक्ट्रियों के आवेदन पर विचार कर रहा है|

कोर्ट की फटकार के बाद टीटीजेड की ओर से कहा गया है कि अब ताजमहल परिसर में कोई नई फैक्ट्री खोलने की इजाज़त नहीं दी जाएगी| फिलहाल कोर्ट ने टीटीजेड के चेयरमैन को नोटिस जारी कर तलब किया है| गौरतलब है कि इसके पहले सुनवाई के दौरान सरकार ने इसके लिए योजना पेश की थी| केंद्र सरकार ने बताया था कि ताजमहल के संरक्षण और आगरा के विकास के लिए कई योजनाएं सरकार ने तैयार की हैं, लेकिन अभी तक सभी योजनाओं पर काम नहीं किया गया है|

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