जानिये आखिर क्यों ट्विटर पर लोग रजत शर्मा के ‘आपकी अदालत’ शो का बहिष्कार कर रहे है

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इंडिया टीवी के चीफ एडिटर और चेयरमैन रजत शर्मा (Rajat Sharma) 26 साल से आपकी अदालत शो (Sri Sri Ravishankar In Aap Ki Adalat) कर रहे है जिसमे उन्होंने राजनीति खेल सिनेमा से जुडी सभी बड़ी हस्तियों का इंटरव्यू लिया है लेकिन कभी उनपर ऊँगली नहीं उठी हमेशा उनकी निष्पक्षता को लेकर तारीफ होती है लेकिन पिछले एक दो दिनों में रजत शर्मा ने कुछ ऐसा कर दिया है जिससे सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर वह तेजी से ट्रेंड कर रहे है। लोग उनके शो का बहिष्कार करते हुए #BoycottAapkiAdalatShow #AntiHinduRajatSharma लिख रहे है।

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दरअसल रजत शर्मा (Rajat Sharma) के लोकप्रिय कार्यक्रम आपकी अदालत (Sri Sri Ravishankar In Aap Ki Adalat) में 15 फ़रवरी को आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर (Sri Sri Ravi Shankar)  ने शिरकत कि थी जिसके बाद रजत शर्मा ने उनसे शाहीन बाग़ , सीरिया, राम मंदिर (Ram Mandir)  ,यमुना नदी के किनारे हुए ‘विश्व संस्कृति समारोह ‘ के बारे में सवाल पूछे जिसके बाद ट्विटर यूजर्स का गुस्सा रजत शर्मा पर फूट पड़ा दरअसल लोगों का मानना है कि रजत शर्मा जानबूझकर हिन्दू साधू संतो को निशाना बना रहे है। राम मंदिर से जुड़े एक सवाल के जवाब में श्री श्री रविशंकर ने कहा वहा पर मध्यस्थता फेल हो जाने कि बात पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने भी मध्यस्थता का स्वागत किया है।

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आपको बता दें कि श्री श्री रविशंकर (Sri Sri Ravishankar In Aap Ki Adalat)  ने दिसम्बर 2015 में यमुना नदी के किनारे 3 दिवसीय विश्व संस्कृति सामरोह का आयोजन किया था जिसके बाद नेशनल ट्रिब्यूनल ने उनकी संस्था आर्ट आफ लिविंग पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के एवज में 5 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इस सवाल के जवाब में श्री श्री रविशंकर ने कहा 5 करोड़ जुर्माना लगाने कि बात गलत है एनजीटी ने पांच करोड़ रुपये जमा करने को कहा था।

रजत शर्मा (Rajat Sharma’s Show Aapki Adalat) ने एक सवाल और पूछा आपने कहा कि महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या इसलिए कर रहे है क्योंकि उनमे आध्यत्म की कमी है ? नेताओ ने कहा ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। इस पर श्री श्री रविशंकर ने कहा की क्यों है देना चाहिए वो है ही सत्य हम बिना अध्ययन के ऐसे बयान नहीं देते है।  इसके अलावा कुछ लोग उनके समर्थन में भी उतरे है जिसके कारण दूसरी तरफ #IStandWithRajatSharma भी ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है। लेकिन समर्थन करने वाले लोगों कि संख्या बहिष्कार करने वाले लोगों कि तुलना में काफी कम है। कुलमिलाकर आप कह सकते है की ट्विटर पर रजत शर्मा सुर्ख़ियों में है।

आपको बता दें कि रजत शर्मा (Rajat Sharma) की गिनती देश के जानेमाने पत्रकारों में होती है लेकिन उनके लोकप्रिय कार्यक्रम “आप की अदालत” (Sri Sri Ravishankar In Aap Ki Adalat)  उन्हें एक अलग और विशिष्ट पहचान देता है। कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ये पिछले 21 बरसों से टीवी दर्शकों के बीच अपनी ताज़गी बरक़रार रखने में कामयाब रहा है। ये भारतीय टेलीविज़न के इतिहास में इतने लंबे अरसे तक सफलतापूर्वक चलने वाला पहला टीवी कार्यक्रम है।

रजत शर्मा (Rajat Sharma)  21 साल के सफ़र के दौरान एक हज़ार से ज़्यादा नामी-गिरामी हस्तियों को कठघरे में बैठाकर अपने चिरपरिचित मुस्कान के बीच उनके सामने मुश्किल से मुश्किल सवाल रख चुके हैं। इस कार्यक्रम के लिए उन्हें कई बार सर्वश्रेष्ठ एंकर के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसमें इंडियन टेलीविज़न एकेडमी (Indian Television Academy) का लाइफ़टाइम एचिवमेंट अवार्ड (Lifetime Achievement Award) भी शामिल है। भारत सरकार ने रजत शर्मा को इस साल पद्म भूषण से सम्मानित भी किया है। 21 वर्षो से लगातार मिल रही सराहना के बीच पिछले एक या दो दिनों में शायद उन्हें पहली बार आलोचना का सामना कर पड़ रहा है.

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-मृदुल त्रिपाठी

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