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एक फोन कॉल ने कर दिया शिवसेना का प्लान फेल

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सोमवार शाम को हर न्यूज़ चैनल पर एक ही चीज दिखाई जा रही थी कि महाराष्ट्र (Maharashtra ) की राजनीति में नए युग की शुरुआत होने वाली है। शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस (Shiv Sena-NCP-Congress ) की संभावित सरकार सूबे में बन सकती है। कई लोग तो सरकार बनने के बाद उसके टिकने पर भी आ गए। कयास लगाने लगे कि क्या यह सरकार ज्यादा चलेगी? सोशल मीडिया (social media ) पर पुराने ऐसे कई वीडियो और फोटो वायरल किए जाने लगे। शिवसेना (Shiv Sena ) को बधाइयाँ मिलने लगी, लेकिन तभी अचानक आया एक फोन कॉल और टूट गया शिवसेना का सपना। शिवसेना को समर्थन देने के लिए 10 जनपथ में लंबी मीटिंग चल रही थी, तभी से कयासों का दौर शुरू हो गया था, खबर यह तक आ गई कि कांग्रेस इस सरकार को बाहर से समर्थन देगी और बदले में विधानसभा में स्पीकर का पद मांग सकती है, लेकिन अंत में हुआ कुछ और ही।

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महाराष्ट्र में अटक गई सरकार

एनसीपी (Nationalist Congress Party ) की शर्त मानते हुए मोदी मंत्रिमंडल (Modi cabinet ) में शामिल शिवसेना के अरविंद सावंत (Shiv Sena leader Arvind Sawant ) ने इस्तीफा तक दे दिया, लेकिन अंत में बात नहीं बन पाई। शिवसेना को जरूरी विधायकों का समर्थन की चिट्ठी नहीं मिल सकी। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi ) ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार (NCP President Sharad Pawar ) को फोन किया। इसके बाद सोनिया को पता चला कि एनसीपी ने भी शिवसेना को समर्थन की चिट्ठी नहीं दी है। इस फोन कॉल के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। कांग्रेस ने बयान में कहा कि सरकार गठन पर चर्चा तो जरूर हुई, लेकिन अभी कुछ तय नहीं हुआ है और आगे भी सोनिया गांधी शरद पवार से बात करेंगी। वहीं कांग्रेस के एन मौके पर मना करने का एक और बड़ा कारण सामने आया है। महाराष्ट्र के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सोनिया गांधी को सलाह दी है कि वे बीजेपी को हटाकर शिवसेना-एनसीपी को सरकार बनाने दी गई, तो नुकसान कांग्रेस का ही होगा। अभी जैसे कांग्रेस की हालत उत्तर प्रदेश में है वैसे ही फिर महाराष्ट्र में भी हो जाएगी। यदि कांग्रेस शिवसेना को समर्थन देती है तो दोनों क्षेत्रीय दल एनसीपी और शिवसेना राज्य में जम जाएंगे और कांग्रेस को किनारे कर दिया जाएगा।

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एनसीपी के पास मौका

भाजपा द्वारा सरकार नहीं बना पाने कि असमर्थता जताने के बाद राज्यपाल ने शिवसेना को मौका दिया था और उन्हें सोमवार शाम 7.30 बजे तक का समय दिया गया था, लेकिन शिवसेना भी सरकार बनाने के लिए आंकड़े नहीं जूटा पाई तो अब मौका एनसीपी के पास पहुँच गया है। अब राज्यपाल द्वारा एनसीपी को सरकार बनाने का न्योता दिया गया है।

 

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   – Ranjita Pathare 

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