देश की रक्षा के लिए सरहद में फेरे लगाने वाला जवान खुद के सातफेरों में नहीं पहुंच सका

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देश की सुरक्षा करने में दिन रात एक करने वाले सेना के जवानों को किस कदर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में इसका एक ताजा उदहारण देखने को मिला है. जी हां देश की रक्षा में तैनात सेना का एक जवान अपनी खुद की शादी में ही नहीं पहुंच सका। दरअसल, जम्मू कश्मीर में पोस्टेड यह जवान वहां जारी भारी बर्फबारी और बारिश की वजह से घाटी में ही फंस गया था। इसके चलते 16 जनवरी को होने वाली उसकी शादी में ही नहीं पहुंच सका। आपको बता दें की जवान सुनील कुमार हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के कैर गांव का रहने वाला है। दोनों परिवारों ने अपने घरों को भव्य रूप से सजवाया था। सभी रिश्तेदार पहुंच गए थे। सभी लोग दूल्हे सुनील का इंतजार कर रहे थे। उसकी छुट्टियां 1 जनवरी से शुरू होनी थी और वह कुछ दिनों पहले ही बांदीपोरा स्थित ट्रांजिट कैंप पर पहुंच गया था। पर वह घाटी के मुश्किल हालातों से पार नहीं पा सका और अपनी ही शादी में समय पर नहीं पहुंच सका। इस वजह से पूरा कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।

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सुनील कुमार के भाई विकी कुमार ने बताया ‘मेरे भाई की शादी 16 जनवरी की तय थी। लेकिन खराब मौसम और लगातार जारी बर्फबारी की वजह से वह फ्लाइट नहीं ले सका और घाटी में ही फंसकर रह गया। वह भारतीय सेना में है और जम्मू कश्मीर में पदस्थ है। बारात निकलने को तैयार थी लेकिन हमें पूरा कार्यक्रम ऐन मौके पर निरस्त करना पड़ा क्योंकि दुल्हा ही नहीं पहुंच सका था।’ इसके बाद अगले कुछ दिनों के लिए दोनों परिवारों ने शादी आगे बढ़ा दी। विकी कुमार का कहना है कि उनकी अपने भाई से बात हुई और उसने बताया है कि वह मंगलवार तक गांव पहुंच जाएगा। अब दोनों ही परिवार नई तारीख को लेकर विचार कर रहे हैं।

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भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स ने रविवार को ट्वीट करके कहा, ‘जिंदगी इंतजार करेगी यह वादा है। भारतीय सेना का एक जवान कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी की वजह से अपनी शादी में नहीं पहुंच सका। चिंता मत करिए जिंदगी इंतजार करेगी। देश हमेशा सबसे पहले है। दुलहन के परिवार वाले नई तारीख के लिए राजी हैं। एक सैनिक की जिंदगी का बस एक और दिन।’

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आपको बता दें की कश्मीर में तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी और चुनौती सर्दियों में काफी बढ़ जाती है। भारी बर्फबारी के बावजूद सैनिक सीमा पर चौकन्ने रहते हैं। इसके साथ ही आम नागरिकों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। दिसंबर-जनवरी में भारी बर्फबारी की वजह से यहाँ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होता है।

-Mradul tripathi

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