DCP Vikram Kapoor Suicide Case : SHO ने हनीट्रैप में फंसाकर मांगे थे करोड़ों रुपए

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डीसीपी विक्रम कपूर की आत्महत्या (DCP Vikram Kapoor suicide case) के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अपने सरकारी आवास पर खुद को गोली मारने वाले विक्रम कपूर (DCP Vikram Kapoor) के बारे में पहले से ही यह कहा जा रहा था कि उन्हें कोई ब्लैकमेल कर रहा है, अब इस संबंध मे खुलासा हो गया है। जांच में यह बात सामने आई है कि विक्रम कपूर (DCP Vikram Kapoor suicide case) को उनके एक वीडियो के जरिये ब्लैकमेल किया जा रहा था। उस वीडियो में वह एक महिला के साथ थे, महिला एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर डीसीपी को फंसा रही थी।

खुलासा, ब्लैकमेलिंग के कारण DCP Vikram Kapoor ने दी जान

जानकारी के अनुसार, आरोपी एसएचओ शहीद एक महिला के साथ मिलकर विक्रम कपूर को ब्लैकमेल कर रहा था। पहले तो उन्होंने वीडियो बनाया और फिर उसी वीडियो के आधार पर 2 करोड़ रूपये की मांग की। आरोपी एसएचओ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बारे मे जांच अधिकारी ने बताया कि शहीद ने इसमें अपनी महिला दोस्त की मदद ली थी। विडियो बनाकर डीसीपी से 2 करोड़ रुपये की मांग की गई। कपूर इस टेंशन में थे कि वह इतने रुपयों का इंतजाम कैसे करें? कपूर ने गुजारिश के लिए शहीद को फोन किया, लेकिन वह कपूर को गालियां देने लगे।

DCP विक्रम कपूर ने क्यों मारी खुद को गोली ?

धमका रहा था पत्रकार

विक्रम कपूर से पैसे वसूलने के लिए एसएचओ शहीद ने सतीश मलिक नाम के एक लोकल पत्रकार से भी सहता मांगी थी। वह मलिक मजदूर मोर्चा नाम का एक अखबार चलाता है, जिसमें वह सीनियर पुलिस अफसर, नेताओं और जजों के खिलाफ ही स्टोरीज किया करता था। पत्रकार के खिलाफ मर्डर का केस भी दर्ज है, जिसमें वह जेल भी जा चुका है।

सुसाइड नोट से हुआ खुलासा

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पुलिस ने आत्महत्या की जांच सूइसाइड नोट के आधार पर शुरू की थी। विक्रम कपूर द्वारा अंग्रेजी में लिखे गए नोट की पहली लाइन है ..आईएम डूइंग दिस ड्यू टु अब्दुल, ही वॉज ब्लैकमेलिंग। इस खत के बारे में मृतक के बेटे ने पुलिस को बताया था, जिसके बाद आरोपी को पकड़ा गया। आरोपी इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद का भांजा भगौड़ा घोषित हो गया है। उसके भांजे अरशद पर संजय कॉलोनी में 6 नवंबर को ऑन ड्यूटी दो पुलिसकर्मियों को कार से रौंदने के प्रयास का आरोप है।

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