सीएम नहीं ये है शिवसेना की मांग

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महाराष्ट्र (Maharashtra ) की राजनीति में सरकार बनाने की नुराकुश्ती जारी है। इसी राजनीति भूचाल के बीच अब भाजपा (Bharatiya Janata Party ) के लिए राहत भरी खबर आई है। सूत्रों के अनुसार कहा जा रहा है कि शिवसेना (Shiv Sena ) मुख्यमंत्री पद की अपनी मांग से हट गई है और अब उन्होने भाजपा के सामने नई मांगे रखी है। इसके साथ ही शिवसेना ने बीजेपी (BJP ) को चेतावनी दी है कि यदि बीजेपी उनकी नई मांगे मान लेती है, तो महाराष्ट्र में आसानी से जल्द ही नई सरकार बन जाएगी, लेकिन यदि अब भी भाजपा ने शर्त मानने से इनकार किया तो वे दूसरा रास्ता अपनाएँगे।

क्या है शिवसेना कि मांगे ?

सूत्रों के अनुसार कहा जा रहा है कि शिवसेना अब मुख्यमंत्री पद की मांग नहीं कर रही है। वह अब बार्गेनिंग पर उतर आई है। शिवसेना ने बीजेपी के सामने मंत्रिमंडल में 17 मंत्री पद की मांग रखी है। शिवसेना की यह मांग भाजपा के लिए राहतभरी भी है, लेकिन 17 मंत्रियों पद देना भी बीजेपी के लिए आसान नहीं है। कहा जा रहा है कि अभी बीजेपी 16 मंत्री पद देने के लिए तैयार हो गई है। इसके साथ ही वित्त मंत्रालय और राजस्व विभाग भी शिवसेना को दिया जाएगा। बीजेपी ने यह भी साफ कर दिया है कि नई सरकार में दो डिप्टी सीएम होंगे, जिसमें से एक भाजपा का और दूसरा शिवसेना का होगा।

मुख्यमंत्री तो बहाना था, मंत्री पद बढ़ाना था!

शिवसेना की इस मांग के बाद लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री पद तो केवल बहाना था, शिवसेना ने मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए ये सब नाटक किया। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी और शिवसेना में लगातार बातचीत हो रही है। वहीं रविवार को 170 विधायकों का समर्थन होने और शिवसेना का मुख्यमंत्री बनने का दावा करने वाले संजय राउत ने अब राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा है।  संजय राउत ने बताया है कि उन्होंने राज्यपाल से मीटिंग के बारे में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को भी बताया है। फिलहाल अभी तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

    – Ranjita Pathare

 

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