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50-50 फॉर्मूले पर आखिर क्यों संजय राउत ने खाई बालासाहेब की कसम

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महराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद कल यानी 13 नवंबर बुधवार को अमित शाह (Amit Shah) ने पहली बार महाराष्ट्र की राजनीति पर अपनी चुप्पी तोड़ी। अमित शाह ने भाजपा (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) के बीच गठबंधन टूटने का जिम्मेदार शिवसेना को ठहराते हुए कहा था कि शिवसेना की मांग गलत है। उसे पूरा नहीं किया जा सकता। वहीं उन्होंने कहा था कि शिवसेना के साथ चुनाव के पूर्व 50-50 जैसे किसी भी फॉर्मूले पर कोई डील नहीं हुई थी। वहीं शिवसेना के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होते ही भाजपा पर बरस पड़े। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने कहा कि अमित शाह जो कह रहे हैं वह गलत है। उन्होंने पीएम मोदी (PM Narendra Modi) से मुख्यमंत्री पद के शेयरिंग की बात छुपाई है।

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अमित शाह (Amit Shah) पर निशाना साधते हुए संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि अगर इस फॉर्मूले पर कोई बात नहीं हुई तो जब उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) अपनी सभी रैलियों में कहते थे कि मुख्यमंत्री शिवसेना (Shiv Sena) का होगा तब उन्होंने कुछ क्यों नहीं कहा? राजनीति में इतनी तो नैतिकता होनी चाहिए।  संजय राउत ने कहा कि, पीएम मोदी ने रैलियों में कहा कि फिर फडणवीस मुख्‍यमंत्री बनेंगे। हमने उनकी बात और पीएम के रुतबे का मान रखा क्योंकि हम भी पीएम मोदी की बाकी भाजपाईयों और जनता की तरह इज्जत और प्रेम करते हैं। लेकिन बंद कमरे में अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बीच जो बात हुई उसे पीएम को नहीं बताया गया। हमने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और पीएम मोदी के नाम पर वोट मांगे क्योंकि मोदी देश के सबसे बड़े नेता है।

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आगे संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि जो बात बंद कमरे में हुई वह बाहर नहीं आनी चाहिए। लेकिन जब तय की हुई बात ही न मानी जाए तो बात बाहर आ जाती है। उन्होंने कहा कि जो भी बात अमित शाह (Amit Shah) और उद्धव (Uddhav Thackeray) के बीच बंद कमरे में हुई अगर उसे पीएम मोदी को बताई जाती तो आज नौबत यहां तक नहीं आती। मोदी बड़े दिल वाले नेता है और वे इस बात को अच्छी तरह से समझते और मानते भी। संजय ने यह भी कहा कि जिस बंद कमरे में उद्धव और शाह के बीच बातचीत हुई वह कोई आम कमरा नहीं है। वह बालासाहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray)  का कमरा था। वह वही कमरा था जिसमे बालासाहेब ने हिंदुत्व और मोदी को आशीर्वाद दिया था। वह वही कमरा था जिसमें देश के तमाम बड़े नेता बालासाहेब से मिलने आते थे।

संजय (Sanjay Raut) ने कहा कि शिवसेना (Shiv Sena) के लिए वह सामान्य कमरा नहीं बल्कि मंदिर है और उसमें बैठकर हम झूठ नहीं बोलेंगे। अगर उसमे बैठकर कोई झूठ बोलता है तो यह सिर्फ बालासाहेब (Balasaheb Thackeray) का नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र का अपमान है। संजय ने आगे कहा कि, “हम बालासाहेब की कसम खाकर कहते हैं कि हम झूठ नहीं बोल रहे हैं।” इसके अलावा संजय ने चेतावनी देते हुए कहा कि, “हमें अपने रास्‍ते पर छोड़ दीजिए। हमें डराने-धमकाने की कोशिश मत कीजिए। हम पर कोई असर नहीं होगा। हम मरेंगे मगर जो हमें डराएगा हम उसे भी मिटायेंगे।”

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Prabhat Jain

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