आखिर क्यों टल रही है निर्भया के हत्यारों की फांसी

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पूरा देश बीते 7 सालों से निर्भया (Nirbhaya Convicts Hanging Date) के हत्यारों की फांसी की राह देख रहा है। एक बार तारीख फाइनल हो जाने के बाद देश ने चैन की सांस ली और सभी को लगा कि आखिरकार निर्भया को न्याय (Justice For Nirbhaya) मिल ही गया भले 7 सालों के बाद ही सही, लेकिन चारों दोषियों की फांसी लगातार टलती जा रही है। अभी न्याय के लिए देश को कुछ और दिन का इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की याचिका पर सुनवाई को आगामी 11 फ़रवरी तक के लिए टाल दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार (Central Government) ने जो दलील पेश की उसमे कहा गया कि सभी दोषी अपनी फांसी टालने की रणनीति के अनुसार कार्य कर रहे हैं और फांसी में देरी कर रहे हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों पवन गुप्ता, विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर और मुकेश सिंह को नोटिस भेजा है। वहीं चारों आरोपियों की फांसी लगातार टाले जाने को लेकर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  में याचिका दायर करते हुए कहा कि इस मामले में देश के सब्र की काफी परीक्षा ली जा चुकी है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सामने कहा कि सभी आरोपियों को कानूनी विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं लेकिन वे उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे जिस वजह से फांसी (Nirbhaya Convicts Hanging Date) को बार-बार टालना पड़ रहा है। केंद्र का कहना है कि सभी दोषियों को अलग-अलग फांसी पर चढ़ाया जा सकता है। केंद्र ने यह चुनौती हाई कोर्ट (High Court) के उस फैसले को दी है जिसमे कहा गया था कि सभी आरोपियों को एक साथ फांसी दी जा सकती है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुनवारी को 11 फ़रवरी तक के लिए टाल दिया है।

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निर्भया मामले में न्याय के लिए अभी देश को और करना पड़ेगा इंतजार

निर्भया मामले में न्याय के लिए अभी देश को और करना पड़ेगा इंतजारपूरा देश बीते 7 सालों से निर्भया के हत्यारों की फांसी की राह देख रहा है। एक बार तारीख फाइनल हो जाने के बाद देश ने चैन की सांस ली और सभी को लगा कि आखिरकार निर्भया को न्याय मिल ही गया भले 7 सालों के बाद ही सही, लेकिन चारों दोषियों की फांसी लगातार टलती जा रही है। अभी न्याय के लिए देश को कुछ और दिन का इंतजार करना पड़ेगा। #Nirbhaya #NirbhayaConvicts #DeathWarrant #NirbhayaConvictHanging

Talented India News द्वारा इस दिन पोस्ट की गई शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2020

अपनी याचिका में केंद्र द्वारा कहा गया कि जिस मुजरिम ने दया याचिका दाखिल कर दी है (Nirbhaya Convicts Hanging Date) और उसकी याचिका को खारिज कर दिया गया है तो ऐसे में उसे फांसी दे देनी चाहिए। बता दें कि फिलहाल पवन गुप्ता ने अपनी दया याचिका अभी तक दायर नहीं की है जबकि बाकी तीनों आरोपियों की दया याचिका को खारिज किया जा चुका है। केंद्र ने अपनी दलील में कहा कि चारों आरोपी कानून के साथ खेल-खेल रहे हैं और जानबूझ कर फांसी में देरी करने का प्रयास कर रहे हैं। निर्भया (Nirbhaya gangrape and murder) मामले में 7 साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक न तो दोषियों को फांसी हो पाई है न ही निर्भया को न्याय (Justice for Nirbhaya)  मिल पाया है। साल 2012 में 16 दिसंबर की काली रात आज भी सभी को याद है जब राजधानी दिल्ली की सड़क पर दौड़ती हुई एक बस में निर्भया के साथ 6 बदमाशों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसके बाद भी इन बदमाशों का मन नहीं भरा तो उन्होंने निर्भया (Nirbhaya Gangrape and Murder) के साथ बर्बरता की और उसे चलती बस से फेंक दिया। निर्भया के साथ उसका एक दोस्त भी बस में मौजूद था जिसके साथ भी आरोपियों ने मारपीट की और उसे भी बस से फेंक दिया था। सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान निर्भया अपनी जिंदगी की जंग हार गई। इस झकझोर देने वाले हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया जिसके बाद आंदोलन हुए और सभी आरोपियों को फांसी (Nirbhaya Convicts Hanging Date) पर चढाने की मांग उठी। अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिले इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन भी हुआ। निर्भया की हत्या करने वाले सभी 6 आरोपियों को पकड़ लिया गया और अदालत में शुरू हुई न्याय प्रक्रिया।

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इन 6 आरोपियों (Nirbhaya Convicts Hanging Date) में एक नाबालिग था जिसे राहत मिल गई और बाल सुधार गृह भेज दिया गया, वहीं एक आरोपी ने जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अब बाकी के बचे चार आरोपियों की सुनवाई शुरू हुई जो आज भी जारी है। जिसकी वजह से फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन आरोपियों को जल्द से जल्द सजा देने के लिए किया गया था उसी निर्भया (Nirbhaya Convicts Hanging Date) को 7 सालों में न्याय नहीं मिल पाया है। चारों आरोपियों को दो बार डेथ वारंट (Nirbhay Convict Death Warrant) भी जारी हो चुका है लेकिन कानूनी प्रावधानों के अनुसार हर बार उनकी फांसी टाल दी गई और उन्हें अपने कानूनी विकल्पों को इस्तेमाल करने की छूट दी गई। अब देखना होगा कि आखिर निर्भया, उसके माता-पिता और देश को न्याय के लिए और कितना इंतजार करना होगा, आखिर इन दरिंदों को कब होगी फांसी।

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Prabhat Jain

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