एससी-एसटी वर्ग को सुप्रीम कोर्ट की सौगात

0

वर्तमान दौर में आरक्षण को लेकर मामला गर्माया हुआ है| इसी दौरान भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक नया फैसला सुनाया है, जिसके अनुसार एससी-एसटी के कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण बदस्तूर जारी रहेगा | न्यायालय में सरकार को इसे जारी रखने के आदेश दिए गए हैं|

दरअसल, कार्मिक विभाग ने 30 सितंबर 2016 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगा दी गई थी| इसके बाद से दलित समाज से आने वाले सरकारी कर्मचारी प्रमोशन के लिए सरकार के नुमाइंदों पर दबाव बना रहे थे| इसके बाद अलग-अलग उच्च न्यायालयों के अलग निर्णय आए थे, जिसके बाद आरक्षण व्यवस्था एकरूपता से संचालित नहीं हो पा रही थी| उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसलों पर रोक लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार प्रमोशन में आरक्षण दे सकती है|

आज उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला संविधान पीठ में है, इसलिए इस पर आखिरी फैसला लेने का अधिकार संविधान पीठ के पास है| संविधान पीठ जब तक इस मामले में फैसला नहीं लेती है, तब तक केंद्र सरकार एससी-एसटी के सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देती रहेगी|

इसी बीच लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख रामविलास पासवान ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर दलितों की इस डिमांड को पूरा करवाने की मांग की थी तथा उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी|

Share.