इंदिरा गाँधी का करीम लाला से कनेक्शन का जानिये पूरा मामला

0

इन दिनों केंद्र में भाजपा (Sanjay Raut Statement) की सरकार है पक्ष विपक्ष पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला अक्सर देखने को मिलता रहता है। लेकिन कांग्रेस (Congress) भाजपा (BJP) से इतर किसी और पार्टी ने सनसनीखेज खुलासा किया है जिससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है जी हां ये पार्टी है शिवसेना जिसके नेता संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बारे में कहा है की वह अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला उर्फ अब्दुल करीम शेर (Underworld Don Karim Lala or Abdul Karim Sher) से मुलाक़ात करती थी उन्होंने ने कहा की इंदिरा गांधी डॉन करीम लाला से मिलने मुंबई आया करती थीं।

Indira Gandhi’s Birth Anniversary: इन फैसलों ने इंडिया गांधी को बनाया आयरन लेडी

हालांकि बाद में उन्होंने अपने इस बयान पर सफाई दी  (Sanjay Raut Statement) और कहा- इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड सरगना करीम लाला (Indira Gandhi underworld Karim Lala) से एक पठान नेता के तौर पर मिलती थीं। मैं पूर्व प्रधानमंत्री जवारलाल नेहरू और इंदिरा गांधी (Former Prime Minister Jawaharlal Nehru and Indira Gandhi) का सम्मान करता हूं। राउत ने कहा, ‘‘करीम लाला से सभी राष्ट्रीय नेता आकर मिलते थे। वे अफगानिस्तान से आए पठानों के नेता थे। उनकी समस्या जानने के लिए नेता उनसे मिलते थे। इंदिरा गांधी जी भी एक पठान नेता के तौर पर उनसे मिलती थीं। करीम लाला के दफ्तर में कई नेताओं की फोटो लगी थी।

Rajiv Gandhi Birth Anniversary : राजीव गांधी जो कभी प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते थे

करीम लाला (Karim Lala), अब्दुल गफार खान (Abdul Gafar Khan)के साथ भी काम करते थे। इस बीच, 1960 से 1980 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड के सरगना रहे हाजी मस्तान के दत्तक पुत्र सुंदर शेखर ने संजय राउत (Sanjay Raut Statement) के इंदिरा पर दिए बयान को सही ठहराया। शेखर ने कहा, “इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की करीम लाला से मुलाकात होती थी। कई अन्य नेता भी उनसे मिलने जाते थे। मेरे पिता हाजी मस्तान एक व्यापारी थे। बाला साहेब ठाकरे भी मेरे पिता के अच्छे मित्र थे।”

आपको बता दें की पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Former Chief Minister Devendra Fadnavis) ने राउत के बयान पर कांग्रेस नेताओं से जवाब देने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या कांग्रेस उस समय अंडरवर्ल्ड के भरोसे चुनाव जीतती थी, क्या कांग्रेस को अंडरवर्ल्ड से फाइनेंस मिलता था। संजय राउत (Sanjay Raut Statement) ने अपने खुलासे में ये भी कहा है की उस समय 1960 से 1980 तक मुंबई के कमिश्नर की नियुक्ति अंडरवर्ल्ड करता था।

संजय राउत (Sanjay Raut Statement) की इस टिप्पणी के बाद अब कांग्रेस की तरफ से पलटवार किया जा रहा है मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने सांसद राउत के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा- इंदिरा गांधी सच्ची देशभक्त थीं। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा, ‘‘बेहतर होगा कि शिवसेना के मि. शायर दूसरों की हल्की-फुल्की शायरी सुनाकर महाराष्ट्र का मनोरंजन करते रहें। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी (Former Prime Minister Indira Gandhi ji) के खिलाफ दुष्प्रचार करेंगे तो उन्हें पछताना पड़ेगा। उन्होंने इंदिरा जी के बारे में जो बयान दिया है वो वापस ले लें।’’


संजय राउत (Sanjay Raut Statement) ने कहा मैं मौत और जेल से कभी नहीं डरा एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘‘आज अंडरवर्ल्ड में चिंदीगिरी होती है। हमने अंडरवर्ल्ड का वो समय देखा है, जब हाजी मस्तान मंत्रालय पहुंचता था तो लोग उसके स्वागत में बाहर आकर खड़े हो जाते थे। देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी मुंबई के पहले करीम लाला से पायधुनी इलाके में मिलने जाती थीं।’’

‘‘अगर इंसान में हिम्मत हो तो सामने भले ही प्रधानमंत्री हो या गृहमंत्री, उसे कुछ भी फर्क नहीं पड़ता। मैं मेरी अब तक की जिंदगी में मौत और जेल से कभी भी नहीं डरा हूं। कुछ लोग तो मुझे गुंडा कहते हैं लेकिन मुझे बुरा नहीं लगता क्योंकि यह मेरे काम करने का तरीका है।’’ (Sanjay Raut Statement)

‘‘मुंबई में एक वक्त ऐसा था कि शहर में अंडरवर्ल्ड चलता था। अब उसका अस्तित्व ही नहीं रहा। पहले मुख्यमंत्री कौन होगा, सरकार किस की आएगी यह अंडरवर्ल्ड तय करता था। ऐसे वक्त मैंने अंडरवर्ल्ड के कई लोगों को देखा है। मैंने दाऊद से लेकर सब की तस्वीरें निकाली है। मौजूदा समय में दाऊद को देखे हुए, उस से बात किए हुए बहुत कम लोग हैं। लेकिन, मैंने दाऊद को देखा है और उससे बात भी की है। इतना ही नहीं मैंने उसे एक बार फटकारा भी था।’’

(Sanjay Raut Statement) आपको बता दें जिसको लेकर आजकल इतना बवाल मचा हुआ है करीम लाला (Karim Lala)  का जन्म अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में 1911 में हुआ था। उसका पूरा नाम अब्दुल करीम शेर खान था। वह एक संपन्न परिवार से था। उसने 21 साल की उम्र में अफगानिस्तान छोड़कर मुंबई आने का फैसला किया। वह पेशावर (पाकिस्तान) के रास्ते मुंबई पहुंचा। मुंबई आने के बाद करीम लाला ने छोटे मोटे काम धंधे शुरू कर दिए। लेकिन इससे होनी वाली आमदनी उसका मन नहीं भर सकी। लिहाजा उसने मुंबई के ग्रांड रोड स्टेशन के पास एक जुए का अड्डा खोल दिया। देखते ही देखते यह अड्डा मशहूर हो गया। यहां कई बड़े सेठ और व्यापारी आते थे। यहां से उसकी जान पहचान बढ़ने लगी। 1940 तक उसके इस धंधे में अच्छी पकड़ बना ली। इसके बाद उसने हीरे और जवाहरात की तस्करी शुरू कर दी।

(Sanjay Raut Statement) करीम लोगों के मामले सुलझाने के लिए हर दिन अपने घर जनता दरबार लगाता था। इस बात से वह काफी लोकप्रिय हुआ और हर समाज के लोग उससे मदद मांगने के लिए आ जाते थे। एक अहम बात यह भी थी कि उसके यहां अमीर और गरीब के बीच कोई फर्क नहीं होता था। करीम जरूरतमंदों और गरीबों की मदद भी करता था। ऐसा भी कहा जाता है कि तस्करी के धंधे में दाऊद इब्राहिम के आने के बाद करीम लाला परेशान हो गया था। इन दोनों के बीच दुश्मनी काफी बढ़ गई थी। इस दौरान करीम लाला ने दाउद को मुंबई में लात-घूंसों से खूब पीटा था। करीम लाला ने दाऊद को तबतक मारा जबतक वह अधमरा नहीं हो गया. इस पिटाई से दाऊद को गंभीर चोटें आईं. पिटाई के बाद से दाऊद करीम लाला को अपना दुश्मन मानता था. दाऊद और करीम लाला के बीच कई बार खूनी गैंगवार हुई. इसके बाद से ही मुंबई में गैंगवार का सिलसिला चल पड़ा. करीम लाला को किंग के नाम से भी जाना जाता था. डॉन हाजी मस्तान करीम लाला को असली डॉन कहता था.

(Sanjay Raut Statement) करीम लाला की हरींद्रनाथ चट्टोपाध्याय के साथ फोटो काफी चर्चा में रही। हरींद्रनाथ संगीतकार, अभिनेता और कवि थे। वे पहली लोकसभा (1952-57) के सदस्य भी रहे थे। 1898 में तत्कालीन हैदराबाद रियासत (अब तेलंगाना) में पैदा हुए हरींद्रनाथ सरोजिनी नायडू के छोटे भाई थे। उन्होंने ‘साहब, बीवी और गुलाम’, ‘तीन देवियां’, ‘आशीर्वाद’ और ‘बावर्ची’ समेत 24 फिल्मों में काम किया। 1973 में उन्हें पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया। 1990 में हरींद्रनाथ का निधन हो गया।

Rajiv Gandhi 75th Birth Anniversary Whatsapp Status : राजीव गांधी के जीवन से जुड़ी खास बातें

-Mradul tripathi

Share.