website counter widget

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद पुलिस ने सबरीमाला में रोका महिलाओं को

0

अयोध्या की राम जन्म भूमि विवाद मामले में ऐतिहासिक फैसला देने के बाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) मामले को उच्च स्तर की बैंच के पास भेज दिया है। हालांकि जब तक इस मामले पर फैसला नहीं आ जाता तब तक पुराने फैसले को यथावत रखा जाएगा। सबरीमाला मंदिर में महलाओं के प्रवेश को लेकर यह मामला दायर किया गया था। अब इस मामले का फैसला करने के लिए एक बड़ी बैंच का गठन किया गया है जो इस मामले में फैसला सुनाएगी। वहीं आज यानी शनिवार 16 नवंबर को सबरीमाला मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। बता दें कि कल यानी रविवार 17 नवम्बर से समरीमाला में धार्मिक यात्रा आरम्भ हो रही है। इस यात्रा के दौरान भारी तादाद में श्रद्धालु इसमें शामिल होंगे। वहीं आज मंदिर के कपाट खोले जाने के बाद मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रही 6 महिलाओं को पुलिस ने आधे रास्ते में ही रोक लिया और उन्हें वहीं वापस भी लौटा दिया।

मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने बताया कि जो 6 महिलाएं सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) के दर्शन करने जा रही थी, उन्हें रोककर आईडी प्रूफ मांगा गया। आईडी प्रूफ चेक करने के बाद पुलिस ने उन्हें पंबा से ही वापस भेज दिया। जिन महिलाओं को आधे रास्ते से ही वापस लौटाया गया है उनमें से 2 की पहचान कर ली गई है। एक महिला सुजाता (36) और दनालक्ष्मी (48) थी। चूंकि सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष तक की आयु वाली महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी है इसलिए इन महिलाओं को वापस लौटा दिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब पुलिस ने महिलाओं का आईडी प्रूफ चेक किया तो उसमे उनकी उम्र 50 वर्ष से कम थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मंदिर की परंपरा के बारे में बताया जिससे महिलाएं वापस लौटने के लिए सहमत हो गई और वहां से वापस लौट गईं।

बताया जा रहा है 6 महिलाओं के अलावा जत्थे में शामिल अन्य लोग मंदिर के दर्शन करने के लिए आगे बढ़ गए। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के दिए हुए आदेश के बावजूद भी महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोक लिया गया और उन्हें दर्शन की अनुमति नहीं दी गई। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कहा था कि 28 सितंबर 2018 को दिए गए आदेश को स्थगित नहीं किया गया है, और सुप्रीम कोर्ट उस आदेश में महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिए जाने के बाद भी महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोका जा रहा है।

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ी बैच का गठन कर यह मामला उसे सौंप दिया है। बड़ी बैंच में मामला भेजे जाने के बाद केरल सरकार ने यह साफ़ तौर पर कहा है कि वह इस बार सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) में महिलाओं को ले जाने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाएगी। बता दें कि पिछले साल जब केरल सरकार के आदेश पर केरल पुलिस ने महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की थी तब दक्षिणपंथी ताकतों के कार्यकर्ताओं ने इसका जमकर विरोध किया था। उनहोंने उग्र विरोध करते हुए महिलाओं और पुलिस को वहां से भगा दिया था।

Prabhat Jain

ट्रेंडिंग न्यूज़
[yottie id="3"]
Share.