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Modern Madarsa के नाम पर RSS की गुमराह करने की साजिश ?

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इस्लाम और मुसलमानों को विदेशी बताने तथा भारतीय संस्कृति और संस्कारों की दुहाई देने वाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) अब खुद मुसलमानों के लिए आधुनिक मदरसा (Modern Madarsa) खोलने जा रहा है। आरएसएस  (RSS) के इस कदम के बाद कयासों का दौर शुरू हो गया है।

कई मुसलमानों का कहना है कि आरएसएस आधुनिक मदरसे के नाम पर हमें गुमराह करना चाह रहा है। वह घुसपैठ करने की साजिश कर रहा है। यह मुस्लिमों का नहीं बल्कि हिन्दू मदरसा होगा, जहाँ मुस्लिम धर्म से परे हिंदुत्व का पाठ पढ़ाया जाएगा। संघ के आधुनिक मदरसे को मुस्लिमों के विरोधी भी कहा जा रहा है। वहीं कुछ लोगों ने इसे मुसलमानों के हित में भी बताया है।

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 राष्ट्रीय मुस्लिम मंच, जो आरएसएस का ही सहयोगी संगठन है उसका इस मामले पर कहना है कि मदरसे ( Modern Madarsa ) का लक्ष्य छात्रों के मन में मानवता और राष्ट्रवाद का भाव पैदा करना है। इसके जरिये मुस्लिम समुदाय के युवाओं को बेहतर शिक्षा देकर कहीं न कहीं भाजपा मुस्लिम समुदाय को अपना बनाने की तयारी कर रही है।

संघ ने राष्ट्रीय मुस्लिम मंच को जमीन का आवंटन भी कर दिया गया है, लेकिन अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया गया कि जमीन कहां पर दी गई है। यह तय की कि आधुनिक मदरसे का निर्माण उत्तराखंड में किया जाएगा।

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आधुनिक मदरसे ( Modern Madarsa ) में धार्मिक शिक्षा के साथ ही आधुनिक शिक्षा भी नौनिहालों को दी जाएगी। बच्चों के लिए स्मार्ट कक्षाएं चलाई जाएगी। उत्तरखण्ड में इस समय करीब 20 हज़ार से ज्यादा बच्चे राज्य के 297 मदरसों में तालीम ले रहे हैं, लेकिन संघ का मानना है कि मदरसों में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक करना जरुरी है। आधुनिक मदरसों में वैकल्पिक विषय के रूप में अन्य धर्मों की पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी।

मदरसे के लिए मदरसा बोर्ड में मान्यता के लिए आवेदन किया जा रहा है। यह राज्य में पहला और देश का छठवां आधुनिक मदरसा होगा। इसके पहले भी ऐसे ही पांच मदरसे देश में खोले जा चुके हैं। राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की प्रांतीय महिला शाखा ने संघ के इस कदम की सराहना की है। उत्तराखंड प्रांत की महिला प्रमुख एवं अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य सीमा जावेद का कहना है कि इस पहल का मकसद बच्चों को आधुनिक शिक्षा देना है।

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