खुशखबरी : RBI ने ब्याज दरें कम कर दिया दिवाली का तोहफा

0

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India)  ने ब्याज दर में कटौती कर लोगों को इस दिवाली तोहफा दे दिया है। रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा पेश की।  इसमें रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी चौथाई फीसदी तक की कटौती की गई है (RBI Policy Review)। अब लोगों के होम लोन, ऑटो लोन आदि की ईएमआई कम हो जाएगी।

यहां देखें बालाकोट एयरस्ट्राइक का पहला Video

आगे भी हो सकती है कमी

आरबीआई ने अपने फैसले में कहा है कि रेपो रेट में आगे भी कटौती की जा सकती है। रिवर्स रेपो रेट घटकर 4.9 फीसद हो गया है। बैंक रेट को 5.40 फीसद पर रखा गया है। केन्द्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि के अनुमानों को 6.9 फीसद से घटाकर 6.1 फीसद कर दिया है। इसके पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की थीं। जिनमें बैंकों का मर्जर, कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती, एफडीआई को लेकर नए नियम और हाउसिंग सेक्टर को लेकर कई एलान प्रमुख रहे।

जानते हैं क्या होती है ‘रेपो रेट’

‘रेपो रेट’ वह दर होती है जिस पर बैंक RBI से लोन लेते हैं। यह बैंकों के लिए फंड की लागत होती है।  यह लागत घटने पर बैंक अपने लोन की ब्याज दर भी कम करते हैं।

बांग्लादेश की PM शेख हसीना ने असम में NRC का किया समर्थन

इसीलिए हुई रेपों रेट में कमी

आरबीआई (RBI Policy Review) ने अगस्त में मौद्रिक नीति समीक्षा की थी, जिसके बाद दरों में कमी की गई थी। वहीं वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 5 फीसदी रह गई है, जिस पर आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी चिंता जाहीर की थी। वहीं पीएमसी बैंक के संकट से वित्तीय प्रणाली की अनिश्चितता बढ़ गई। पूरे वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी ग्रोथ महज 6.8 फीसदी रही है, इसके बाद इसके लिए लगाया गया अनुमान पूरी तरह से गलत साबित हुआ। राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3.3 फीसदी के लक्ष्य को पार कर जाने की आशंका जताई जा रही है।

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बापू की अस्थियां हुईं चोरी

 

  – Ranjita Pathare

 

Share.