ATM सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए नई गाइडलाइन जारी करेगा RBI, ग्राहकों पर असर

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आजकल डिजिटल का युग है हर व्यक्ति कैशलेस होना चाहता है इसलिए एटीएम रखता है और ट्रांजैक्शन भी करता है। जिससे ट्रांजैक्शन करने पर कभी कभी उनके साथ फ्रॉड होने का भी डर होता है। लेकिन अब एटीएम (ATM) से ट्रांजैक्शन करना और ज्यादा सुरक्षित होगा. एटीएम (ATM New Security) फ्रॉड के बढ़ते मामले पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द नई गाइडलाइन जारी करेगी. RBI ने गुरुवार को कहा कि एटीएम सर्विस प्रोवाइडर्स (ATM Service Provider) के लिए जल्द नई गाइडलाइन जारी की जाएगी. RBI ने समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही है.

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RBI ने कहा, कई वाणिज्यिक बैंक, शहरी कोओपरेटिव बैंक एटीएम स्विच एप्लिकेशंस (ATM Switch Application) से जुड़ी सुविधाओं के लिए थर्ड पार्टी एप्लिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स पर निर्भर होते हैं. इन सर्विस प्रोवाइडर्स के पास पेमेंट सिस्टम परिदृश्य की जानकारी होती है, इससे साइबर हमलों की आशंका बढ़ जाती है (ATM New Security). अब यह फैसला किया गया है कि कुछ बेसलाइन साइबर सिक्योरिटी कंट्रोल्स विनियमित संस्थाओं द्वारा सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ उनके कॉन्ट्रैक्ट में अनिवार्य किए जाएं. RBI ने अपने बयान में कहा कि वह इस संबंध में 31 दिसंबर 2019 तक गाइडलाइन जारी कर देगी.

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उठाए जाएंगे ये कदम-केंद्रीय बैंक ने कहा कि नई गाइडलाइंस में डिप्लॉयमेंट प्रोसेस को मजबूत करने और इकोसिस्टम के एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर में बदलाव की जरूरत होगी. इसके अलावा लगातार निगरानी, स्टोरेज में कंट्रोल लागू करना, सेंसेटिव डेटा का प्रोसेसिंग और ट्रांसमिशन, फॉरेंसिग जांच के लिए क्षमता को बढ़ाने की जरूरत है. RBI एटीएम क्लोनिंग, फ़िशिंग की घटनाएं बढ़ने पर बार-बार बैंकों से अपने एटीएम के संबंध में सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने के लिए कह चुका है. RBI ने अपने बयान में कहा कि वह इस संबंध में 31 दिसंबर 2019 तक गाइडलाइन जारी कर देगी.

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-Mradul tripathi

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