एक मदरसा जहाँ पढाई जाती है रामायण और भागवत

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मुरादाबाद: आजकल देश में हिन्दू मुसलमान की हवा चल रही है। राममंदिर मुद्दे में सुनवाई पूरी होने के बाद माहौल और गरम है। दोनों पक्षों की ओर अपने अपने धर्म के प्रति घोर कट्टरता देखी जा सकती है। जब आप मदरसा शब्द सुनते है तो आपके दिमाग में किसी एक धर्म की बात जेहन में आता है जहाँ सिर्फ मुस्लिमो को तालीम दी जाती है कुरान पढाई जाती है और इस्लाम से सम्बंधित शिक्षा दी जाती है (Moradabad Madrasa)। लेकिन इस धर्मनिरपेक्ष देश में अभी भी एक ऐसा मदरसा है जो किसी विशेष धर्म से संबंध न रख के सर्वधर्म समभाव की भावना रखता है. जहा पर गीता और कुरान पढाई जाती है।

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जानकारी के अनुसार मुरादाबाद में एक ऐसा मदरसा है, जहां बच्चों को इस्लाम की तालीम के साथ संस्कृत भी पढ़ाई जा रही है। यहां राम चरित मानस की चौपाइयों व गीता के श्लोकों का अर्थ बच्चों को समझाया जा रहा है। बच्चे भी संस्कृत की पढ़ाई में दिलचस्पी ले रहे हैं। मदरसा प्रबंधक इरशाद कादरी ने कहा कि भाषा का कोई धर्म नहीं होता है (Moradabad Madrasa)। यह मदरसा भोजपुर नगर क्षेत्र में चांदपुर गढ़ी के कादरी नगर में स्थित है। यहां करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं। यहां छात्र जिस शिद्दत से कबीर के दोहों को अपने सुर मे पिरोते हैं, उसे सुन हर कोई हैरान रह जाता है। गाजियाबाद के रहने वाले दिलनवाज मदरसा जामिया खजाईनुल इरफान मक्किया के छात्र हैं। वे बताते हैं कि यहां संस्कृत के पौराणिक ग्रंथों के जरिए छात्रों को शिक्षा दी जा रही है। राम के जीवन से जुड़े पहलू हैं तो दूसरी तरफ गीता के जरिए श्रीकृष्ण और अर्जुन संवाद छात्रों को इतिहास की जानकारी दे रहे हैं।

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मदरसा प्रबंधक इरशाद कादरी इसे सामाजिकसद्भाव बढ़ाने का अहम कदम मानते हैं वो कहते है की कोई भी धर्म किसी दूसरे धर्म की बात करने मना नहीं करता। इससे सामाजिक तालमेल बढ़ता है। और सबके बीच अमन कायम होता है।

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-Mradul tripathi

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