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Rajiv Gandhi Death Anniversary : जानिये कैसे हुई थी राजीव गांधी की हत्या ?

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भारत की आयरन लेडी (Indira Gandhi Iron Lady) कहलाने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के बेटे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi 28th Death Anniversary) की आज 28वीं पुण्यतिथि है। देश ने आज ही के दिन एक बड़े नेता को खो दिया था। एक ऐसे नेता को जिसने भारत को तकनीति दुनिया में प्रवेश कराया। राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) को देशवासियों ने वक्त से पहले खो दिया था।

चुनाव प्रचार की अंतिम सभा उनके जीवन की अंतिम सभा बन गई और देश के सबसे ताकतवर परिवार का सबसे ताकतवर इंसान भी आतंक की भेट चढ़ गया। देश जहां अपने नेता को फिर प्रधानमंत्री (PM ) बनते देखना चाहता था वहीं उनकी मौत की खबर से हर जगह मातम पसर गया। क्या आप जानते हैं कि आखिर किसने और क्यों की थी राजीव गाँधी की हत्या?

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21 मई 1991 को श्रीपेंरबदूर में एक धमाके में राजीव गांधी की मौत (Rajiv Gandhi 28th Death Anniversary) हो गई थी, लेकिन उनकी हत्या की साजिश किसने और क्यों की यह सवाल आज भी लोगों के मन आता ही है। राजीव गाँधी की मौत की साजिश भारत में नहीं बल्कि श्रीलंका के घने जंगलों के बीच बैठे प्रभाकरण ने की थी। उसने अपने कुछ साथियों के साथ राजीव गांधी की मौत का खाका तैयार किया। तीस साल की एक नाटी, काली और गठीली लड़की नलिनी को मानव बम के रूप में तैयार किया गया। श्रीलंका में शांति सेना भेजने से नाराज तमिल विद्रोहियों ने राजीव गांधी से अपनी दुश्मनी निकाली।

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हत्या वाला दिन (Rajiv Gandhi 28th Death Anniversary)

21 मई का वह दिन कहने को तो साल के बाकी दिनों की तरह एक सामान्य दिन ही था, लेकिन इस सुबह से ही इस दिन राजीव गांधी के चेहरे पर ख़ुशी थी। उन्हें पूरा विशवास था कि जनता का प्यार उन्हें इस बार मिल रहा है और अब फिर से वे प्रधानमंत्री बनने वाले हैं, लेकिन ऐसा हो न सका। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में वे उस चुनाव की अंतिम सभा में बेहद ख़ुशी के साथ पहुंचे थे। जब वे भाषण देने के लिए जा रहे थे तभी रात दस बज कर 21 मिनट पर नलिनी नाम की एक लड़की चंदन का एक हार लेकर उनकी तरफ़ बढ़ी।

लड़की ने उन्हें फूलों की माला पहनाई और जैसे ही वो उनके पैर छूने के लिए झुकी, वैसे ही एक धमाका हुआ, कानों को बहरा कर देने वाला धमाका हुआ, जिसने छीन लिए देश के एक बड़े नेता के प्राण। जब यह धमाका हुआ उस समय मंच पर राजीव के सम्मान में ‘राजीव का जीवन हमारा जीवन है… अगर वो जीवन इंदिरा गांधी के बेटे को समर्पित नहीं है… तो वो जीवन कहाँ का?…’ गाना गाया जा रहा था। इस धमाके में राजीव गाँधी के साथ करीब 20 लोगों की मौत हो चुकी थी। धमाके के बाद आसपास शरीर के अंग बिखरे हुए थे। जिस मंच पर राजीव गाँधी भाषण देने वाले थे वो मंच अब खून से लाल हो चूका था।

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